मैनपुरी। सहायता प्राप्त जूनियर स्कूलों में छात्र संख्या और तैनात स्टाफ का डाटा मेल न खाने पर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान ने बेसिक शिक्षाधिकारी को पत्र लिखकर जिले के सभी सहायता प्राप्त विद्यालयों का विवरण मांगा है। बीएसए के निर्देश पर सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को डाटा सहित तलब किया गया है।
राज्य परियोजना निदेशक कार्यालयों को अक्टूबर 2019 में भेजे गए डाटा से दिसंबर 2020 में भेजा गया डाटा मिलान नहीं खा रहा है। इस पर राज्य परियोजना निदेशक ने विद्यालयों में फर्जी छात्र संख्या होने की संभावना व्यक्त की है। राज्य परियोजना निदेशक ने फर्जीवाड़े की आशंका जताते हुए बीएसए को पत्र लिखकर सहायता प्राप्त सभी स्कूलों के स्टाफ और छात्र-छात्राओं का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। परियोजना निदेशक के निर्देश के बाद बीएसए ने सहायता प्राप्त कॉलेजों के प्रधानाध्यापकों से विवरण तलब किया है।
स्टाफ का विवरण मांगा
राज्य परियोजना निदेशक के निर्देश पर सहायता प्राप्त जूनियर स्कूलों से छात्र संख्या के साथ ही स्टाफ का विवरण भी मांगा गया है। 11 बिंदुओं पर मांगी गई सूचना में शिक्षकों व स्टाफ की ज्वाइनिंग तारीख का विवरण व सृजित पदों की संख्या भी मांगी गई है।
31 विद्यालय हैं संचालित
जिले में 31 जूनियर स्कूल सहायता प्राप्त हैं। जिनमें मध्यान्ह भोजन के साथ ही अन्य सरकारी योजनाएं नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें, ड्रेस आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं। राज्य परियोजना निदेशक ने छात्र संख्या के नाम पर फर्जीवाड़े की आशंका व्यक्त की है। जिसके अनुसार विवरण जुटाया जा रहा है।
- राज्य परियोजना निदेशक ने सहायता प्राप्त स्कूलों के संबंध में जो रिकॉर्ड मांगे हैं वो भेजे जा रहे हैं। सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को बुलाकर सारा रिकॉर्ड तैयार कराया जा रहा है। - विजय प्रताप सिंह, बीएसए।