बांके बिहारी कॉरिडोर के लिए हाईकोर्ट में 510 करोड़ की धनराशि एकत्र करने की अर्जी देकर चर्चा में आए बिल्डर प्रखर गर्ग के यहां ईडी ने छापा मारा। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के पीछे की वजह ये रही कि प्रखर ने ईडी की जब्त संपत्तियों का कराड़ों में साैदा कर दिया।
आगरा के चर्चित बिल्डर प्रखर गर्ग पर प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) की ओर से कार्रवाई यूं ही नहीं हुई। आरोप है कि ईडी ने जिन संपत्तियों को जब्त किया था, आरोपी बिल्डर ने उनका ही करोड़ों में सौदा कर दिया था। इसके मामले में मुकदमा भी दर्ज हुआ। अब ईडी की कार्रवाई के पीछे भी यही वजह मानी जा रही है।
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कमला नगर, एफ ब्लाक निवासी होटल व्यवसायी सुभाष शर्मा ने बिल्डर प्रखर गर्ग पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। होटल व्यवसायी के प्रखर गर्ग से पारिवारिक संबंध थे। उन्होंने मुकदमे में कहा कि जनवरी 2022 में प्रखर गर्ग उनकी पत्नी राखी घर पर आए, उन्हें सिकंदरा आवास विकास कालोनी सेक्टर 11 में 165 वर्ग मीटर के भूखंड के बारे में बताया।
मार्च 2022 में 85 लाख में सौदा करा दिया। एक सप्ताह बाद ही दूसरी पार्टी को 95 लाख रुपये में बेच दिया। मार्च में ही प्रखर गर्ग और उसके लोगों ने साजिश के तहत संजय प्लेस स्थित नोवा होटल का 2.19 करोड़ रुपये में उनसे सौदा कर दिया। होटल खरीदने के बाद वह उसमें बैठने लगे। काम शुरू कर दिया था। पांच दिन बाद ईडी की टीम पहुंची। होटल पर नोटिस चस्पा कर दिया। तब उन्हें धोखाधड़ी का पता चला।
इसी तरह आवास विकास कालोनी के भूखंड को भी ईडी से संबद्ध निकला। होटल व्यवसायी सुभाष शर्मा ने छानबीन की तो पता चला कि दोनों संपत्तियां कल्पतरू समूह से संबंधित थीं, जिसके चलते ईडी ने उन्हें संबद्ध कर दिया था। सुभाष शर्मा ने मामले में 30 दिसंबर 2023 को कमला नगर थाने में धोखाधडी, कूटरचित प्रपत्र तैयार करना, आपराधिक षडयंत्र समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। जिसमें प्रखर गर्ग उसकी राखी गर्ग, कल्पतरू के मोटल्स लिमिटेड औरंगाबाद मथुरा के अधिकृत हस्ताक्ष्ररकर्ता दीपक कपूरिया, विश्वनाथ प्रताप सिंह, नोवा होटल में साझीदार नीतू कुशवाह, अनुज कुशवाह को नामजद किया है। थानाध्यक्ष निशामक त्यागी ने बताया कि मामले में विवेचना की जा रही है। आरोपी ने गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया था। बिल्डर ने मुकदमों के बाद कोर्ट की शरण ली थी। उनकी गिरफ्तारी पर रोक है। कोर्ट से स्टे मिला हुआ है। कमला नगर थाने के दोनों मुकदमों में विवेचना चल रही है।
बैटरी कारोबारी से 9 करोड़ की धोखाधड़ी
ट्रांसपोर्ट नगर के बैटरी कारोबारी अरुण सौंधी ने भी प्रखर गर्ग पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। इस मामले में नौ अक्टूबर को थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें प्रखर गर्ग, उसकी पत्नी राखी गर्ग के अलावा सतीश गुप्ता, सुमित कुमार व मुकेश कुमार को नामजद किया। इसमें 9 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया। मुकदमे के अनुसार, कमला नगर में जी होटल के द्वितीय व तृतीय तल को खरीदने का साैदा किया गया था। मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पर प्रखर गर्ग फरार हो गए। थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि पुलिस विवेचना कर रही है। नामजदगी के साथ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इनको नोटिस देकर बयान लिए जाने की तैयारी है। इससे पहले एक मुकदमा वर्ष 2021 में थाना हरीपर्वत में दर्ज हुआ था। इसमें पुलिस विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। इसमें भी प्रखर गर्ग के साथ उनकी पत्नी राखी और दो अन्य को आरोपी बनाया गया। धोखाधड़ी और रकम हड़पने के आरोप लगाए गए।
चेक बाउंस के मामले में गया था जेल
हरीपर्वत पुलिस ने नवंबर 2022 में चेक बाउंस के मामले में प्रखर गर्ग को जेल भेजा था। बाग फरजाना के अधिवक्ता अनुराग गुप्ता ने बिल्डर के खिलाफ हरीपर्वत थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। आरोपी ने अधिवक्ता को चेक दिया था। यह बाउंस हो गया था। मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने पर गिरफ्तार किया था। बाद में तबीयत खराब होने पर प्रखर गर्ग को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। मगर, पुलिस ने उनको जेल भेजा था। थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी बिल्डर प्रखर गर्ग के खिलाफ वर्तमान में थाना हरीपर्वत में चेक बाउंस के दो मामलों में गैर जमानती वारंट जारी हैं। वहीं मुकदमों के मामले में विवेचना चल रही है।
चेक बाउंस के 21 मामले दर्ज
प्रखर गर्ग के खिलाफ वर्ष 2019 से 2023 तक 138 एनआई एक्ट के 21 मामले दर्ज हुए। इनमें से कई मामले अब भी विचाराधीन चल रहे हैं। इसमें बिल्डर पर रकम लेकर चेक देने के आरोप लगाए गए। चेक बैंक में लगाने पर बाउंस हो गए।