डीएम की रोक बेअसर, हो रही खरीद-फरोख्त
तत्कालीन डीएम प्रभु नारायण सिंह ने रज्जो जैन, हेमेंद्र अग्रवाल उर्फ चुनमुन और कंवलदीप सिंह को भूमाफिया घोषित किया। जांच में हीरालाल पाटनी, गंभीरमल पांड्या, मुन्नी लाल मेहरा व उनके वारिसों की भूमिका भी संदिग्ध मिली। मई, 2021 में डीएम ने जोंस मिल के खसरा 1735, 1736, 1738, 1740, 1741, 2065, 2068, 2070, 2071, 2072, 2076, 2077, 2079, 2082, 2084, 2087, 2088, 2089, 2090 में जमीनों की खरीद-फरोख्त, नए बिजली-पानी कनेक्शन, नक्शा पास करने पर रोक लगाई। डीएम के ट्रांसफर के बाद रोक बेअसर हो गई। उन्हीं खसरों में अब जमीन की खरीद-फरोख्त फिर शुरू हो गई है।
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मंत्री, विधायक व सत्तारूढ़ नेता भी शामिल
जोंस मिल में घोषित एक भूमाफिया कैबिनेट मंत्री का रिश्तेदार है। दूसरा विधायक का खास है। तीसरे का पुत्र सत्तारूढ़ दल में पदाधिकारी है। बाकी लोग भी सत्तारूढ़ दल से जुड़े हुए हैं। रज्जो जैन की करोड़ों की संपत्ति कुर्क की गई। दो साल से जांच आर्थिक अपराध शाखा के पास है। अब तक नतीजा शून्य है। इनके अलावा शहर में 45 अन्य भूमाफिया घोषित हैं। इनके कब्जे में 50 हेक्टेयर से अधिक भूमि है। प्रशासन 5 साल में एक इंच भूमि खाली नहीं करा सका।
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इन विभागों की जमीन
- पुलिस महकमा : 1500 वर्ग मीटर
- राजस्व विभाग : 35,733.74 वर्ग मीटर
- नगर निगम : 12,140.6 वर्ग मीटर
- सिंचाई विभाग : 48319 वर्ग मीटर
- पट्टेदार : 80,937 वर्ग मीटर से अधिक
जारी किए हैं नोटिस
जोंस मिल सहित सभी भूमाफिया की संपत्ति के सर्वे के लिए नोटिस जारी किए हैं। एसडीएम से सत्यापन रिपोर्ट मांगी है। सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। -अजय कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन