आगरा के परिवार परामर्श केंद्र में रविवार को आठ जोड़ों के बीच सुलह हुई। वहीं नौ मामलों में बात नहीं बनने पर मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की गई। अन्य लंबित मामलों में अगली तारीखें दी गईं। केंद्र प्रभारी कमर सुल्ताना ने बताया कि अधिकतर मामले आपस में गलतफहमी पैदा होने के थे। काउंसलर डॉ. वीके सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को साथ बिठाकर काउंसिलिंग की गई, जिसमें बात बन गई।
केस-1
पत्नी के साथ अब कभी नहीं करुंगा मारपीट
थाना हरीपर्वत क्षेत्र की युवती की शादी एक साल पहले थाना क्षेत्र जगदीशपुरा निवासी युवक से हुई थी। शादी के छह महीने बाद ही दोनों में झगड़ा होने लगा। पत्नी ने बताया कि पति रात को घर देर से आता है, कुछ कहने पर मारपीट करता है। मायके जाने से भी रोकता है। परिवार परामर्श केंद्र में काउंसिलिंग की गई तो पति ने कहा कि अब घर जल्दी आएगा और कभी पत्नी के साथ मारपीट नहीं करेगा।
केस-2
पत्नी, बच्चे की निभाऊंगा जिम्मेदारी
फतेहाबाद की रहने वाली युवती की शादी कागारौल के रहने वाले युवक के साथ तीन साल पहले हुई थी। एक बच्चा है। पत्नी का आरोप है कि पति बच्चे और उसके खर्चे के लिए पैसे नहीं देता है। सारे पैसे शराब में बर्बाद कर देता है। परेशान होकर मायके में रह रही है। पति को कांउसिलिंग के लिए बुलाया गया। बात करने पर बात बन गई। पति ने कहा कि वह अब शराब नहीं पीएगा पत्नी और बच्चे की जिम्मेदारी अच्छे से निभाएगा।
केस-3
तीन तारीख पर नहीं पहुंचे, एफआईआर के निर्देश
शाहगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती की शादी एक साल पहले ताजगंज थाना क्षेत्र के युवक के साथ हुर्ह थी। पत्नी का कहना है कि शादी के कुछ समय बाद से ही सास, ननद उसे परेशान करने लग गईं। पति भी मारपीट करता था। मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा। जहां पति को कांउसिलिंग के लिए बुलाया गया। तीन बार तारीखों पर पति के न आने पर मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए।