आगरा के सदर तहसील स्थित रजिस्ट्री दफ्तर में ई-स्टांप केंद्र बंद पड़ा है। पक्षकारों को बाहर से ई-स्टांप पेपर खरीदने पड़ रहे हैं। एक लाख रुपये स्टांप पर 800 से 1000 रुपये तक कमीशन देना पड़ रहा है। रजिस्ट्री दफ्तर में स्थित ई-स्टांप केंद्र पर बिना कमीशन के पक्षकारों को ई-स्टांप पेपर मिलता था।
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ई-स्टांप पेपर में कमीशनखोरी और जालसाजी रोकने के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने स्टॉक होल्डिंग कंपनी को अधिकृत करते हुए रजिस्ट्री दफ्तर में ई-स्टांप केंद्र खोला था। जहां ई-स्टांप पेपर का सत्यापन और खरीद होती थी। 12 अक्तूबर से यह केंद्र बंद पड़ा है। यहां बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पक्षकारों को ई-स्टांप पेपर खरीदते थे। लेकिन, केंद्र बंद होने से तहसील परिसर में निजी वेंडर्स के यहां पक्षकारों की जेब कमीशन में कट रही है।
अधिवक्ता विष्णु गौड़ ने बताया कि 10 लाख रुपये स्टांप खरीद पर 8 से 10 हजार रुपये तक कमीशन निजी वेंडर ले रहे हैं। वहीं, इस मामले में स्टॉक होल्डिंग शाखा के प्रबंधक व अन्य कर्मियों की निजी वेंडर से मिलीभगत की आशंका व्यक्त की जा रही है। इस संबंध में डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कहना है कि एडीएम वित्त एवं एआईजी स्टांप से रिपोर्ट मांगी जाएगी। बंद पड़े केंद्र को जल्द शुरू कराया जाएगा।