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गजब का हाल: शिक्षा विभाग भूल गया किस विद्यालय में तैनात है शिक्षिका, वेतन रोकने पर हुआ खुलासा

Tue, 23 Dec 2025 09:27 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिस शिक्षिका का वेतन गैरहाजिर दिखाकर रोका गया, वो दूसरे विद्यालय में  कार्यरत है। वहां उसकी हाजिरी भी लग रही है। 
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शिक्षिका सांकेतिक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय में अनियमितता का एक मामला सामने आया है। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की रिपोर्ट के आधार पर जिस शिक्षिका का वेतन रोक दिया गया। वह उस विद्यालय के बजाय दूसरे विद्यालय में कार्यरत है। तीन माह से वेतन रुका होने से शिक्षिका और उनका परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
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मामला सितंबर माह में हुए निरीक्षण का है। खंड शिक्षाधिकारी पिनाहट उमेश गुप्ता ने प्राथमिक विद्यालय पुरा नाहर सिंह का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्र संख्या शून्य पाई, शिक्षिका को भी गैरहाजिर बताकर अपनी आख्या वेतन रोकने की संस्तुति के साथ बीएसए जितेंद्र कुमार गोंड को दे दी। उन्होंने वेतन रोक दिया। शिकायत में बताया गया कि जिस विद्यालय का बीईओ ने निरीक्षण किया और ऑनलाइन ब्योरा भरा, उस विद्यालय में शिक्षिका प्रियंका गोयल तैनात ही नहीं हैं। शिक्षिका की तैनाती प्राइमरी विद्यालय चचिहा, पिनाहट में है। बीईओ ने शिक्षिका को पुरा नाहर सिंह में दर्शाते हुए आख्या भेजी।

मामला जानकारी में नहीं
प्रभारी एडी बेसिक चंद्रशेखर ने बताया कि मामला जानकारी में नहीं है, बीएसए से इसकी जानकारी लेंगे। दिखवाएंगे क्या मामला है। उसके बाद ही कुछ कह पाएंगे।

वेतन जारी न हुआ तो आंदोलन
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री ब्रजेश दीक्षित ने कहा कि अगर दो दिन में पीड़ित शिक्षिका का वेतन जारी नहीं किया गया तो संगठन उच्चाधिकारियों को विभागीय भ्रष्टाचार की शिकायत कर आंदोलन करेगा। शून्य छात्र संख्या वाले विद्यालय का लगातार वेतन निकालने वाले दोषी लिपिक एवं बीईओ के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग करेगा।
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