शहर में संचालित होने वाले ई रिक्शा लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। शहर में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए ई रिक्शा जहां राहत देते हैं। वहीं भीड़भाड़ वाले बाजारों में ई रिक्शा के पहुंचने से दिन में कई बार जाम लग जाता है। इससे राहगीरों सहित दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सफर में लोगों को राहत देने के लिए एक सैकड़ा से अधिक ई रिक्शा संचालित किए जा रहे हैं। कई ई रिक्शा का संचालन तो नाबालिग कर रहे हैं। ई रिक्शा संचालक नो एंट्री समय में भी बाजार में प्रवेश कर जाते हैं। बाजार में ई रिक्शा पहुंचने से राहगीरों सहित दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ई रिक्शा के कारण बाजार में लगने वाले जाम से राहगीरों सहित दुकानदारों का ई रिक्शा संचालकों से विवाद होता है।
मुख्य सड़क से हटकर गली कूंचों से होकर ई रिक्शा संचालक शहर के भीड़भाड़ वाले सदर बाजार, बजाजा बाजार, लैनगंज में पहुंच जाते हैं। इन बाजारों में पूरे दिन रहने वाली ग्राहकों की भीड़ तथा उनके दो पहिया और चार पहिया वाहनों के कारण पहले से ही स्थित खराब होती है। ई रिक्शा के पहुंचने से काफी देर तक लगने वाले जाम के कारण राहगीरों को परेशानी होती है।
शहर में चलने वाले ई रिक्शा अब परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। बाजार में ई रिक्शा पहुंचने से दिन में कई बार जाम लग जाता है। बाजार में जाम से निपटने के लिए आज तक कोई कारगर व्यवस्था नहीं हुई है। - कमलेश मिश्रा, ज्योंती रोड
बाजार में नो एंट्री का समय तय है। इसके बाद भी नो एंट्री के समय में बाजार में ई रिक्शा पहुंच जाते हैं। इसके चलते सबसे ज्यादा परेशानी सदर बाजार, बजाजा बाजार और लैनगंज में होती है। - शालिनी अग्रवाल, पंजाबी कॉलोनी
नो एंट्री के समय में भीड़भाड़ वाले बाजार में ई रिक्शा और ऑटो का प्रवेश प्रतिबंधित है। प्रमुख स्थानों पर पुलिस कर्मी और होमगार्ड भी तैनात हैं। प्रमुख बाजार में इनका प्रवेश रोकने के निर्देश दिए गए हैं। - अजय कुमार सिंह, सीओ सिटी