लापता ई-रिक्शा चालक की संदिग्ध हालात में माैत हो गई। आरोप है कि पुलिस ने चालक को खोजने का प्रयास नहीं किया। बाद में वह इमरजेंसी में भर्ती मिले। जहां से निजी अस्पताल ले जाते समय चालक ने दम तोड़ दिया।
आगरा के सिकंदरा क्षेत्र से तीन दिन पहले ई-रिक्शा के साथ लापता चालक खोजबीन करने पर इमरजेंसी में भर्ती मिला। वहां से निजी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर खोजने का प्रयास नहीं किया। किसी ने रिक्शा की बैटरियां लूटकर हत्या कर दी।
विज्ञापन
जऊपुरा, सिकंदरा निवासी राधेश्याम (42) ई-रिक्शा चालक थे। उनके बहनोई राकेश ने बताया कि राधेश्याम अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ रहते थे। 19 मई की शाम 5 बजे ई-रिक्शा लेकर घर से निकले थे। इसके बाद नहीं लौटे। 20 मई को सिकंदरा थाने शिकायत करने पहुंचे तो थाना जगदीशपुरा भेज दिया गया।
वहां गुमशुदगी की तहरीर लेकर घर भेज दिया गया। 22 मई को ई-रिक्शा मदिया कटारा में पेट्राेल पंप के पास खड़ा मिला। उसकी बैटरियां गायब थीं। तब पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। 23 मई को राधेश्याम इमरजेंसी में भर्ती मिले। बोल नहीं पा रहे थे। शरीर पर गहरी चोट के निशान थे। निजी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि मृतक की गुमशुदगी दर्ज की गई थी।