द्वारिका रेजीडेंसी के द क्राउन प्रोजेक्ट पर कुर्की नोटिस चस्पा करते राजस्व कर्मी स्त्रोत प्रशास
आगरा। निवेशकों से धोखाधड़ी के आरोप में फंसे द्वारिका रेजिडेंसी प्रा. लि. के शास्त्रीपुरम स्थित आवासीय प्रोजेक्ट द क्राउन फेज-1 में करीब 25 करोड़ रुपये की संपत्तियां शनिवार को कुर्क कर ली गई है। प्रशासन ने 1.21 करोड़ की रिकवरी के लिए 44,610 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले प्रोजेक्ट पर सील लगाई है।
मेसर्स द्वारिका रेजिडेंसी के निदेशक शशांक पाठक के विरुद्ध उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) ने तीन रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी किए थे। एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने बताया कि बकाएदार बिल्डर को बार-बार नोटिस जारी किए। लेकिन बकाया नहीं चुकाया। 9 फरवरी को बिल्डर की संपत्तियां कुर्क के आदेश दिए थे। शनिवार को राजस्व टीम मौजा मुहम्मदपुर पहुंची। यहां गाटा संख्या 141 और खसरा संख्या 00067 के कुल रकवा 4.4610 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थित बिल्डर के हिस्से की अचल संपत्ति को आरसी प्रपत्र 41 के तहत कुर्क कर लिया गया। आस-पास क्षेत्रों में मुनादी कराई और संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। इसके विरुद्ध कुल तीन अलग-अलग आरसी जारी किए गए थे। कुल मिलाकर 1,21,94,909 रुपये बकाया वसूली के लिए शनिवार को कार्रवाई की गई है। क्षेत्रीय नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम ने कुर्की प्रक्रिया संपन्न कराई। प्रशासन की इस कार्रवाई से अन्य बकाएदार बिल्डरों में खलबली मच गई है।
गायत्री बिल्डर्स की संपत्तियां होंगी नीलाम
मेसर्स गायत्री डेवलपवेल प्रा.लि. के डायरेक्टर हरिओम दीक्षित के विरुद्ध 4.08 करोड़ रुपये की आरसी जारी थीं। 24 जनवरी को प्रशासनिक टीम ने बिल्डर की नोएडा सेक्टर-11 स्थित गायत्री ऑरा, एपेक्स ऑरा और गायत्री हॉस्पिटैलिटी एंड रियलकॉन सहित करीब 150 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई थीं। एसडीएम सचिन राजपूत ने बताया कि बिल्डर ने करीब 40 लाख रुपये कुर्की के बाद जमा कराए हैं। तीन दिन में यदि पूरा बकाया नहीं चुकाया तो कुर्क संपत्ति को नीलाम किया जाएगा। नीलामी से प्राप्त रकम से बकाएदारों की राशि चुकाई जाएगी।