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सैफई में पकड़ी गई बिजली चोरी, तीन उद्योग इकाइयों पर साढ़े 55 लाख रुपये का जुर्माना

Fri, 14 Dec 2018 07:51 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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पिछली सपा सरकार में मिनी राजधानी कही जाने वाली सैफई इन दिनों दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निशाने पर है। बकाया बिल न चुकाने पर पहले यहां स्थित हवाई पट्टी की बिजली काटी गई, अब तीन बड़ी इकाइयों पर छापेमारी कर बड़ी बिजली चोरी पकड़ी है। 
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डीवीवीएनएल के आगरा और कानपुर प्रवर्तन दल द्वारा संयुक्त रूप से की गई छापेमारी में 133 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी है। इन पर 26.60 लाख रुपये का शमन और 55.5 लाख रुपये चोरी की पेनल्टी लगाई गई है। दक्षिणांचल के प्रबंध निदेशक एसके वर्मा ने टीम के सदस्यों को उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन की ओर से सम्मानित करने की घोषणा की है।

पिछले कई दिनों से डीवीवीएनएल के अधिकारियों को इटावाके सैफई में संचालित कई उद्योगों पर बिजली चोरी का शक था। गुरुवार रात डीवीवीएनएल की आगरा और कानपुर प्रवर्तन की टीम सैफई पहुंची। सबसे पहले मैसर्स राजू कांच उद्योग पर छापेमारी की। 
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इन इकाइयों पर हुई कार्रवाई

यहां 20 किलोवाट का भार था लेकिन मौके पर ट्रांसफार्मर से सीधे केबल डालकर 60 किलोवाट का भार लिया जा रहा था। इस पर टीम ने 12 लाख रुपये का शमन और 32 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई है। 

इसके बाद मैसर्स सुषमा मोती उद्योग का 15 किलोवाट का भार स्वीकृत था लेकिन मौके पर 15 किलोवाट सीधे ट्रांसफार्मर से केबल डालकर बिजली उपयोग की जा रही थी। इस पर टीम ने तीन लाख रुपये का शमन और 8.5 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई। 

मैसर्स बीके मोती उद्योग पर भी बिजली चोरी पकड़ी। यहां 30 किलोवाट के भार पर स्वीकृत था लेकिन ट्रांसफार्मर से 58 किलोवाट सीधे केबल डालकर बिजली चोरी की जा रही थी। प्रवर्तन टीम ने 11.60 लाख रुपये शमन और 15 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई है। 

दक्षिणांचल के प्रबंध निदेशक का कहना है कि आगरा-कानपुर की टीम ने छापेमारी में बड़ी बिजली चोरी पकड़ी है। भार से अधिक बिजली का उपयोग किया जा रहा था। टीम के सभी सदस्यों को जनवरी में सम्मानित किया जाएगा।
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