आगरा में दवाओं की कालाबाजारी पकड़ने के लिए औषधि विभाग 106 कंपनियों को नोटिस देगा। कंपनियों की सूची तैयार कर ली गई है। कंपनियों से पांच बिंदुओं पर जवाब मांग कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 15-20 दिनों में सभी कंपनियों को नोटिस जारी कर दिए जाएंगे।
दवाओं की कालाबाजारी और सैंपल की दवाओं के मामले में जांच कर रही एसटीएफ को गैंग में चार और नाम मिले हैं। तीन आरोपियों की संलिप्तता के साक्ष्य भी मिले हैं। एक के खिलाफ जानकारी जुटाई जा रही है। ये दवा माफिया लंबे समय से सैंपल और नशे की दवाओं की कालाबाजारी कर रहे हैं। एजेंट के रूप में दवाओं की उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार समेत 12 राज्यों में दवाओं की कालाबाजारी की जानकारी मिली है।
आगरा जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशु शर्मा का कहना है कि आगरा में अंतरराज्यीय दवा माफिया गैंग सक्रिय है, जो नशे की दवा, नकली दवा, सैंपलिंग, सरकारी दवाओं की कालाबाजारी कर रहा है। वह मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर दवा माफिया को पकड़ने के लिए सीबीआई जांच की मांग करेंगे।
- 14 मई को पीपल मंडी के सिंगी गली स्थित खाली प्लॉट में 45 कंपनियों की 200 तरह की दवाएं मिलीं। इनकी कीमत करीब 40 लाख रुपये आंकी गई है।
- 13 मई ताजगंज की बाग खिन्नी महल स्थित गोदाम से 52 कंपनियों की 198 तरह की दवाएं जब्त की। इनकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। ये गोदाम सोनू अग्रवाल का है।