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नाइट क्लब और रेव पार्टी में सप्लाई की जा रहीं नशे की दवाएं, 11 राज्यों तक फैला काला कारोबार

Tue, 28 Jul 2020 12:04 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • दिल्ली, हरियाणा समेत 11 राज्यों में फैला है काला कारोबार
  • अकेले पंजाब में 60 फसीदी 
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रेव पार्टी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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नशीला दवा और इंजेक्शनों का रहीसों के नशे का शौक पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इनको रेव पार्टी, नाइट क्लब में सप्लाई किया जा रहा है। दवाओं का यह काला कारोबार 11 राज्यों के बड़े शहरों तक फैला हुआ है। नशे की 60 फीसदी टैबलेट और इंजेक्शन पंजाब में सप्लाई किए जाते हैं।
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आगरा फार्मा एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी पुनीत कालरा ने बताया कि दिल्ली, पंजाब, पुणे, बंगलुरू में इन दवाइयों की खपत हो रही है। आगरा से ड्रग तस्कर पकड़े जाते रहे हैं। उनसे पूछताछ में ये बातें सामने आ चुकी हैं।

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अब पंजाब पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा है। वहां भी यही बात सामने आई है कि नशे के लिए दवाइयां सप्लाई की जा रही थी। पंजाब पुलिस ने इस गिरोह को आगरा गैंग नाम दिया है। करोड़ों की दवाइयां पंजाब में बरामद हो चुकी हैं। इन्हें आगरा से ले जाया जाता है। 
 

गिरफ्तार किए गए दवा कारोबारी जितेंद्र उर्फ विक्की अरोड़ा और कपिल अरोड़ा - फोटो : अमर उजाला
काला कारोबार : कमीशन पर हॉकरों के जरिए होती है सप्लाई 
रेव पार्टी और नाइट क्लब संचालकों से दवा माफिया सीधे संपर्क कर दवाएं बुक कराते हैं। दवा को कमीशन पर हॉकरों के जरिये सप्लाई कराया जाता है। नशे की दवाओं की बात करें तो विभिन्न कंपनियों की दवाओं की कीमत ढाई रुपये से 11 रुपये प्रति टैबलेट है। इनको 100 गुनी कीमत पर रेव पाटियों में परोसा जाता है। इन सभी दवाओं को पीसकर पाउडर बनाया जाता है।

पाउडर की पुड़िया को अल्कोहल में मिलाकर नशा करते हैं। इसके अलावा इंजेक्शन भी इस्तेमाल किए जाते हैं। पंजाब में बड़े पैमाने पर नशे का कारोबार होने के कारण 60 फीसदी सप्लाई वहीं की जाती है। इसके अलावा गाजियाबाद, दिल्ली, हरियाणा में भी सप्लाई हो रही है।

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बिहार और बांग्लादेश में कफ सीरप की अधिक डिमांड हैं, यहां भी 90 रुपये के कफ सीरप 250 रुपये तक में बेचा जाता है। नशे की दवाओं का यह कारोबार करीब 12 साल से चल रहा है। दो लोगों से शुरू हुआ आगरा गैंग में अब नौ लोग शामिल हैं।
 
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कारस्तानी : : भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत 
आगरा जिला केमिस्ट एसोसिएशन ने नशे की दवाओं के काले कारोबार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। फव्वारे के दवा बाजार में प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर काले कारोबार की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। एसोसिएशन ने कहा 35 लाख रुपये के घूसखोरी कांड की फिर से जांच कराई जाए, इसके लिए मुख्यमंत्री को भी शिकायत भेजेंगे। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आशू शर्मा ने कहा कि ड्रग विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से धंधा चल रहा है।

सिकंदरा निवासी हरीबाबू से ड्रग विभाग के अधिकारियों ने 35 लाख रुपये रिश्वत के मांगे थे, इसकी ऑडियो-वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके आधार पर तत्कालीन डीएम ने ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा और बृजेश यादव की जांच डीएम ने सीडीओ से करवाई थी, लेकिन उस जांच में क्या हुआ अभी तक सार्वजनिक नहीं किया। इस दौरान उपाध्यक्ष रामअवतार शर्मा, पिंकी सक्सेना, संजीव अग्रवाल, राजा अग्रवाल, अमित जैन मौजूद रहे। 

ओवरडोज से मौत तक हो सकती है : डॉ. दिनेश राठौर
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि नशे की दवाओं के ओवरडोज से मस्तिष्क सुस्त अवस्था में चला जा सकता है, इससे पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने से हृदय गति प्रभावित होने लगती है, नशे के आदी लोग की मौत भी हो सकती है।
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