स्पेशल टास्क फोर्स और औषधि विभाग की टीम ने एक करोड़ की रिश्वत देते गिरफ्तार किए दवा कारोबारी हिमांशु अग्रवाल को तीन दिन की रिमांड पर लिया है। उससे फर्म से बरामद हुए बिलों के बारे में जानकारी ली गई। वहीं दवा विक्रेताओं और खरीदारों के नाम पूछे गए। मगर वो ज्यादा कुछ नहीं बता सका है।
अगस्त में नकली दवाओं का मामला सामने आया था। आगरा कैंट से टेंपो में लाई गईं नकली दवाओं को पकड़ा था। औषधि विभाग और एसटीएफ की कार्रवाई को दबाने के लिए हे मां मेडिको के संचालक हिमांशु अग्रवाल ने एक करोड़ की रिश्वत देने की पेशकश की थी। उसे रकम के साथ एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। वहीं थाना कोतवाली में केस दर्ज किया था। इसके बाद उसे मेरठ की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेजा गया था। वहीं उसकी फर्म से नकली दवाओं का पता चला था। इस पर एक और मुकदमा लिखा था।
मामले में आरोपी हिमांशु अग्रवाल को पुलिस ने मंगलवार को रिमांड पर लिया। उसे थाना कोतवाली लाकर पूछताछ की गई। उसकी फर्म से बरामद बिल और अन्य बिला, माल की खरीद और सप्लाई के बारे में पूछा गया। उसने कई नाम बताए है। इनके बारे में पुलिस पड़ताल में लगी है। सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि आरोपी कारोबारी से दवाओं के बिल और कंप्यूटर हार्ड डिस्क के बारे में जानकारी ली गई। हालांकि उसने कुछनहीं बताया है। फिलहाल उसे तीन दिन की रिमांड पूरी होने पर बृहस्पतिवार को जेल में दाखिल कर दिया जाएगा।