औषधि विभाग के अधिकारी नियमित जांच में दवा के नमूने लेकर जाते हैं, इसके बाद दवा व्यापारियों से नोटिस के माध्यम से जवाब मांगा जाता है, कार्यालय बंद होने पर जवाब देने में भी समस्या होती है।
आगरा जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले दवा व्यापारी शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित औषधि विभाग कार्यालय पहुंचे। कार्यालय दोपहर 12 बजे बंद पाया गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष आशु शर्मा ने आरोप लगाया कि विभाग का सारा काम कार्यालय के बजाय घर से किया जाता है। जब भी आओ कार्यालय अधिकतर बंद रहता है।
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दवा व्यापारियों की शिकायत है कि औषधि विभाग कार्यालय केवल सोमवार और बुधवार को ही खुलता है। इसमें एक औषधि निरीक्षक आते हैं। वह भी फार्मासिस्ट का सत्यापन करते हैं। इस संबंध में नोटिस भी कार्यालय में चस्पा है। महज दो दिन कार्यालय खुलने की वजह से फार्मासिस्ट की भीड़ लग जाती है। दवा व्यापारियों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पाता है। वहीं औषधि विभाग के अधिकारी नियमित जांच में दवा के नमूने लेकर जाते हैं, इसके बाद दवा व्यापारियों से नोटिस के माध्यम से जवाब मांगा जाता है, कार्यालय बंद होने पर जवाब देने में भी समस्या होती है।
दवा व्यापारियों में एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामअवतार शर्मा, उपाध्यक्ष पिंकी सक्सेना, प्रवक्ता अंशुल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष देवेंद्र अग्रवाल, जय किशन, सुनील श्रीवास्तव आदि शामिल रहे। उधर, सहायक औषधि आयुक्त अखिलेश जैन का कहना है कि कार्यालय बंद होने की वजह यह रही कि शुक्रवार को ही लखनऊ से ऑनलाइन समीक्षा बैठक होनी थी। सुबह 11 बजे ही दोनों औषधि निरीक्षकों को उसकी तैयारी के लिए मैंने अपने कार्यालय बुला लिया था।