पार्सल से नकली दवाओं की खरीद-फरोख्त कर ठिकाने पर पहुंचाया जाता था। एसटीएफ की जांच में कुरियर कंपनी के कई कर्मचारी जांच के दायरे में आ गए हैं। इनसे कई से पूछताछ भी की गई है। ये ट्रेनों से दवाओं को मंगवाते थे और दूसरे राज्यों तक कालाबाजारी करते थे।
एसटीएफ निरीक्षक यतेंद्र शर्मा ने बताया कि नकली दवाओं के मामले की जांच में कुरियर कंपनी के कर्मचारियों की भी भूमिका संदिग्ध मिली है। जब्त की गई दवाओं को ये पार्सल के जरिये से मंगवाने के साथ कई राज्यों में खपाने का खेल करते थे। इसमें ये फर्जी फर्म का भी इस्तेमाल करते थे। ऐसे ही कुरियर कंपनी के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। अभी जांच चल रही है।
कुछ और लोग पकड़े जा सकते हैं। इसके लिए रेलवे स्टेशनों के पार्सल काउंटर की भी जांच की गई है। तमिलनाडु के चेन्नई और पुडुचेरी से भी पार्सल के जरिये से ही दवाओं को आगरा मंगवाकर कालाबाजारी की जा रही थी।
टाइम लाइन:
इस तरह हुई कार्रवाई
- शुक्रवार दोपहर 12 बजे से कार्रवाई शुरू हुई।
- शुक्रवार शाम 6 बजे छह गोदामों पर टीम पहुंची।
- रात 10 बजे चार गोदाम और मेडिकल स्टोर सील किए।
- शनिवार की सुबह 11 बजे से मोती कटरा गोदाम पर छापा।
- रात 10 बजे हिमांशु अग्रवाल रिश्वत के लिए एक करोड़ रुपये के नकदी लेकर आया।
- रात 12 बजे हिमांशु अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
- रविवार सुबह 10 बजे से देर रात तक जांच और कार्रवाई जारी।