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लापरवाही: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर चालक ने नशे में दौड़ाई जनरथ बस, हादसा टला

Fri, 26 Feb 2021 02:00 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे (फाइल फोटो) - फोटो : Social
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आगरा के आईएसबीटी से लखनऊ जा रही बुद्ध विहार डिपो (अलीगढ़) की जनरथ बस को चालक ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बुधवार की रात नशे में दौड़ाया। बस डिवाइडर से टकराई तो यात्रियों की नींद खुल गई। यात्रियों ने शोर मचाकर गाड़ी को फूड प्लाजा पर रुकवाया। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करने पर सचल दस्ते ने मौके पर पहुंचकर बस में सो रहे दूसरे चालक से बस को लखनऊ तक भेजा। इस मामले में अभी तक आरोपी चालक पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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अलीगढ़ की जनरथ बस संख्या यूपी 78-एफएन-8895 बुधवार की रात मेरठ से लखनऊ जा रही थी। रात 12 बजे बस आईएसबीटी पहुंची तो यहां से भी 15 सवारी बैठीं। बस में सवार आगरा के अमित, मोहन, सीतापुर के मुकेश ने बताया कि बस में दो चालक थे। पहले वाले बस चालक ने बस को अच्छे से चलाया, लेकिन तड़के करीब साढ़े तीन बजे बस लहराने लगी। डिवाइडर से टकराई तो धमाका हुआ और यात्रियों की नींद टूट गई।

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यात्रियों ने बस को रुकवाया तो देखा कि चालक नशे में धुत था। चालक से कहासुनी हुई तो वह धमकाने लगा कि वह संविदा का चालक है, उसका कोई क्या बिगाड़ लेगा। यात्रियों ने तकरीबन दो किलोमीटर आगे फूड प्लाजा पर बस को रुकवा लिया। उन्होंने इसकी शिकायत उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के पोर्टल पर की तो परिवहन निगम का सचल दल मौके पर पहुंच गया। दल के सदस्यों ने चालक से पूछताछ की। इसके बाद बस में सो रहे दूसरे चालक से बस को लखनऊ तक ले जाने को कहा। 
बस यात्री मुकेश ने बताया कि इसके बाद दूसरा चालक बस को लेकर सुबह छह बजे आलमबाग, लखनऊ पहुंचा। इस संबंध में सेवा प्रबंधक, आगरा, अनुराग यादव ने बताया कि बस आगरा की नहीं हैं। अलीगढ़ की बस है, यात्रियों की शिकायत पर अलीगढ़ में रिपोर्ट भेजेंगे। 
 
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बंद हो गया बसों की रवानगी से पहले चालकों का ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट
झरना नाला हादसे के बाद उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने रोडवेज कार्यशालाओं से बसों की रवानगी से पहले चालकों का ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट अनिवार्य किया था। अब आगरा की किसी कार्यशाला में चालकों के नशे में होने की जांच नहीं की जा रही है। वहीं परिवहन निगम के अफसरों का दावा है कि सचल दस्ते ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट कर रहे हैं।

वर्ष 2018 में हुए झरना नाला हादसे के बाद उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने कार्यशालाओं में बसों की रवानगी से पहले चालकों के ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट को अनिवार्य करने के निर्देश दिए थे। लॉकडाउन में सामान्य बस सेवाओं के बंद होने के बाद से ही टेस्ट नहीं हो रहे हैं। जून में बस संचालन शुरू किया गया मगर ब्रीथ टेस्ट कार्यशाला में होना बंद हो गए। आगरा में ईदगाह डिपो, आगरा फोर्ट, फाउंड्री नगर डिपो में कहीं भी बस चालकों की ब्रीथ एनालाइजर से जांच नहीं की जा रही है। संविदा के चालक रामकेश ने बताया कि पहले टेस्ट किया जाता था लेकिन अब काफी समय से नहीं किया जा रहा है। 

रूट पर टीआई करते हैं जांच
कार्यशालाओं में ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट नहीं किया जा रहा है। अब यह टेस्ट यातायात निरीक्षक करते हैं। सभी सचल दस्तों को ब्रीथ एनालाइजर मशीन दी गई है। वह रूट पर चालकों का परीक्षण करते हैं। नशे में होने पर इसकी रिपोर्ट भी भेजते हैं।  - अनुराग यादव, सेवा प्रबंधक, आगरा परिक्षेत्र
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