मैनपुरी। मंडी प्रशासन ने शुक्रवार को दोपहर बाद पूरी तैयार के साथ अवैध दुकानों के हटाने के लिए अभियान की शुरुआत की। उप जिलाधिकारी सदर और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दुकानों पर कार्रवाई शुरू हुई तो आढ़ती जेसीबी के सामने बैठ गए। वे लगातार दुकानों को न हटाने की मांग करते रहे लेकिन प्रशासन ने इससे साफ मना कर दिया। बाद में वार्ता के दौरान एसडीएम ने आढ़तियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
उप जिलाधिकारी सदर रजनीकांत पांडेय और मंडी सचिव प्रदीप कुमार भारी पुलिस बल और जेसीबी के साथ मंडी पहुंचे। उन्होंने जेसीबी से अवैध दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। करीब छह दुकानों पर कार्रवाई के बाद सूचना मिलते ही आढ़ती एकत्रित हो गए और उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। आढ़ती संघ के अध्यक्ष उपदेश यादव के नेतृत्व में आढ़ती जेसीबी के सामने बैठ गए। वे लगातार दुकानें न तोड़े जाने मांग पर अड़े रहे। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की।
करीब दो घंटे तक मंडी छावनी बनी रही। प्रशासन जहां दुकानों को हटाने की बात कर रहा था तो वहीं आढ़ती बचाने की। लंबे समय तक वार्ता के बाद एसडीएम ने आढ़तियों को दुकानें हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ये समय खत्म होते ही दुकानों को ध्वस्त कराने की चेतावनी दी है।
कार्रवाई के बाद भी नहीं मान रहे आढ़ती
बीते एक माह से लगातार आढ़तियों को अवैध दुकानें खुद ही हटाने की चेतावनी दी जा रही है। लेकिन उसका असर आढ़तियों पर नहीं है। बीते एक माह में दो बार मंडी प्रशासन दुकानों को हटाने की कार्रवाई कर चुका है, लेकिन हर बार आढ़ती खुद ही दुकानें हटाने की बात कहकर बच जाते थे। ऐसे में इस बार प्रशासन को सख्त रुख अपनाना पड़ा।
नवीन मंडी में 230 हैं अवैध दुकानें
शहर की नवीन मंडी में किए गए अवैध निर्माणों को तोड़ने के लिए प्रशासन को सख्ती करनी ही होगी। दरअसल मंडी में 230 अवैध दुकानों को चिह्नित किया गया है। इनमें से करीब सौ दुकानें पक्की हैं। अभी केवल अस्थायी दुकानों को हटाया जा रहा है। ऐसे में पक्की दुकानों को ध्वस्त कराने में प्रशासन को बड़ी कार्रवाई करनी होगी।
नवीन मंडी में कार्रवाई के दौरान आढ़तियों ने विरोध किया। वार्ता के बाद उन्हें 24 घंटे का समय दिया गया है। इसके बाद दुकानों को ध्वस्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।
रजनीकांत पांडेय, एसडीएम सदर।