जन्माष्टमी के लिए बाजार में सजे मिट्टी के खिलौने
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नटखट कान्हा कहीं माखन चुराते, खाते नजर आएंगे तो कहीं गोपियों और राधा के साथ कदंब के पेड़ के नीचे बांसुरी के साथ झूला झूलते हुए दिखेंगे। मिट्टी के ऐसे ही खिलौनों से बाजार सज गया है। जन्माष्टमी पर हर घर में सजने वाली झांकियों में मिट्टी के खिलौने बेशक कम हैं लेकिन झांकियों की शान यही हैं।
घटिया आजम खां, दयालबाग, बल्केश्वर, पृथ्वीनाथ, राजपुर चुंगी, रामनगर पुलिया सहित शहर के कई बाजारों में मिट्टी से बनी राधा-कृष्ण की मूर्तियों और खिलौनों की मांग शुरू हो गई है। शहर के प्रमुख मंदिरों में भगवान कृष्ण की झांकी सजाई जाएगी। इसके अलावा बच्चों में घरों में झांकी सजाने का क्रेज है। चीन के इलेक्ट्रोनिक खिलौने बेशक कितने भी छाए हों लेकिन जन्माष्टमी की झांकी में मिट्टी के वासुदेव की टोकरी में भगवान कृष्ण और जेल के पहरेदार की ज्यादा डिमांड है। कदंब के पेड़, झूले, मटके और मिट्टी के जानवर, फल छाए हुए हैं।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर झांकियों में भगवान कृष्ण के साथ अन्य झांकियों में चीन के खिलौने भी बिक रहे हैं। लुहार गली में बैटरी कार, झूला, वाटर पार्क, स्टीमर, ट्रेन, जानवरों का सेट और छोटी कारें डिमांड में हैं।