आगरा। क्रिकेट के मैदान पर वर्षों तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले पूर्व रणजी क्रिकेटर सर्वेश भटनागर अब एक नई भूमिका में नजर आएंगे। हालांकि वे शहर की क्रिकेट से पहले से ही जुड़े हैं। अब 35 साल की रेलवे सेवा के बाद उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेकर खुद को पूरी तरह क्रिकेट को समर्पित करने का निर्णय लिया है। उनका लक्ष्य साफ है आगरा के युवा खिलाड़ियों को तराशकर बड़े मंच तक पहुंचाना।
सर्वेश भटनागर का मानना है कि आगरा में क्रिकेट प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यहां के युवाओं में जुनून और काबिलियत दोनों है, जरूरत सिर्फ सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास की। उन्होंने कहा कि अगर इन खिलाड़ियों को सही तकनीक, अनुशासन और अवसर मिले, तो वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं। अपने लंबे अनुभव को साझा करते हुए भटनागर ने कहा कि क्रिकेट केवल खेल नहीं, बल्कि यह धैर्य, अनुशासन और टीम भावना का पाठ भी सिखाता है। वे चाहते हैं कि आगरा के युवा इन मूल्यों को अपनाकर न सिर्फ अच्छे खिलाड़ी बनें, बल्कि अच्छे व्यक्तित्व के रूप में भी उभरें। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों की तकनीकी क्षमता के साथ-साथ उनकी फिटनेस, मानसिक मजबूती और मैच परिस्थितियों को समझने की योग्यता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।