आगरा में बाइक सवार युवक की मौत 100 फुटा रोड पर बृहस्पतिवार को हो गई। इस खस्ताहाल सड़क पर आए दिन छोटे हादसे हो रहे थे। इस सड़क को माॅडल रोड बनाने का सपना दिखाकर प्रशासन सो गया। मरम्मत कार्य भी न होने से सड़क जगह-जगह खराब है।
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टेढ़ी बगिया से कालिंदी विहार एनएच-19 तक 2.88 किमी की सड़क को नगर निगम ने सीएम ग्रिड योजना के तहत मॉडल रोड बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया था। पिछले साल फरवरी महीने में शुरू हुई कवायद के दाैरान जून महीने में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम आवंटित कर दिया गया। इस बीच टेढ़ी बगिया से कालिंदी विहार और सुभाष पार्क से मारुति एस्टेट तक के हिस्से के टेंडर आवंटन पर मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी तक शिकायत पहुंच गई।
मामला सीएम ग्रिड परियोजना से जुड़ा था। ऐसे में जिलाधिकारी ने जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। जांच चलती रही और लोग खस्ताहाल सड़क पर रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर गुजरते रहे। दिसंबर महीने में जांच कमेटी ने क्लीनचिट दी तो निगम ने दोबारा टेंडर प्रक्रिया की। हालांकि इस दौरान सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। यही वजह रही कि टूटी सड़क पर उलटी दिशा से आए ट्रक का काॅकटेल जानलेवा साबित हुआ।
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गड्ढे भर जाते तो न बुझता चिराग
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, लेकिन एक सवाल पूरे परिवार और आसपास के लोगों के मन में दाैड़ रहा है कि इस मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा? स्थानीय निवासी बीआर भोसले ने बताया कि 100 फुटा रोड लंबे समय से खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। चालक अक्सर गलत दिशा से निकलने को मजबूर होते हैं।