ताज महोत्सव : कला, संस्कृति और शिल्प का अनूठा संगम
आगरा। ताज महोत्सव बुधवार से शुरू हो गया है। कला, संस्कृति और शिल्प का यह वार्षिक संगम ताज नगरी आगरा को एक विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। इस महोत्सव में देश भर से आए हस्तशिल्पियों और कलाकारों को एक मंच मिलता है।
महोत्सव परिसर में प्रवेश करते ही आगंतुकों को ''आई लव आगरा'' का सुखद एहसास होता है। इसके साथ ही रंग-बिरंगे फूलों की फुलवारी देश-दुनिया की सुगंध बिखेरती है, जो माहौल को और मनमोहक बनाती है। यहां देश भर के हस्तशिल्पियों द्वारा बनाए गए टेराकोटा, चीनी मिट्टी के क्रॉकरी, बर्तन और गमलों के स्टॉल लगाए गए हैं। सिल्क और जूट से बने उत्पाद भी उपलब्ध हैं, जिनसे घरों को नया रूप दिया जा सकता है।
महोत्सव में चीनी मिट्टी के बर्तनों की विशेष मांग देखी जा रही है। इन आकर्षक गमलों और बर्तनों को पोर्सिलेन से तैयार किया गया है। पोर्सिलेन काओलिन (सफेद मिट्टी) और पेंटुंटसे पत्थर के मिश्रण से बनता है। पेंटुंटसे पत्थर स्वयं फेल्डस्पार, अभ्रक और क्वार्ट्ज का एक संयोजन है। इन बर्तनों को सॉफ्ट पेस्ट और बोन चाइना भी कहा जाता है, जो इनकी सुंदरता और गुणवत्ता को बढ़ाता है। आगंतुक सिल्क और जूट से बने उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला भी देख सकते हैं। ये सभी उत्पाद घरों को सजाने और उपहार देने के लिए उपयुक्त हैं। विभिन्न आकारों और डिजाइनों के सजावटी सामान किफायती दरों पर उपलब्ध हैं। महोत्सव 27 फरवरी तक चलेगा। प्रस्तुती : सचिन