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कब बहुरेंगे चंबल घाट के दिन: 32 साल पहले रखी गई थी पुल की आधारशिला, सरकारें आईं-गईं...लेकिन हालात आज भी वही

Thu, 28 Sep 2023 09:27 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में चंबल घाट पर पक्का पुल बनाने की आधारशिला 32 साल पहले रखी गई थी। इसके बाद कई सरकारें आईं और चली गईं लेकिन वह पुल आज भी न बन सका। हालात आज भी वही हैं। 
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Agra: चंबल में अधूरा पड़ा पक्का पुल का काम, 32 साल पहले रखी गई थी आधारशिला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ताजनगरी आगरा के पिनाहट कस्बा क्षेत्र में चंबल नदी घाट पर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने के लिए पक्के पुल का निर्माण कार्य का सपना आज भी पूरा नहीं हो सका। देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की ओर से 15 सितंबर सन 1989 को जोधपुरा गांव में एक सभा को संबोधित करते हुए चंबल नदी पर पक्के पुल निर्माण करने के लिए आधारशिला रखी गई थी। 

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उस दौरान देश के साथ मध्य प्रदेश में मोतीलाल एवं उत्तर प्रदेश में नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार थी। आधारशिला के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी एवं कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी मौजूद रही थी। मगर यह योजना आधार में लटक गई।

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चंबल नदी पर पक्का पुल बनाने के लिए लगातार अभियान चलाए गए। आरटीआई एक्टिविस्ट नरेश पारस के नेतृत्व में पोस्टकार्ड एवं हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था और आरटीआई के माध्यम से खुलासा हुआ कि पिनाहट पक्के पुल की कोई कार्य योजना दिल्ली में थी ही नहीं। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ और दोनों प्रदेशों की जनता ने चुनावों में जनप्रतिनिधियों के सामने इस मुद्दे को उठाया। मगर उत्तर प्रदेश की बसपा एवं सपा की सरकार में पक्के पुल का सपना ही दिखाया गया। 

चुनाव होने के बाद स्थिति जस की तस बनी रही। पिनाहट घाट पर बने पेंटूल पुल से लोगों के साथ कई हादसे हुए तो वहीं वाहन पीपों के पुल से नदी में गिर गए। मोटरबोट चंबल नदी घाट पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने चालू कराई। मगर लोगों को अपनी जान हथेली पर रखकर नदी पार करना पड़ता है। 

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मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं देश के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पुल निर्माण को गंभीरता से लिया और इसकी कार्य योजना तैयार कराई। मध्य प्रदेश में शिवराज चौहान की भाजपा सरकार द्वारा बोल निर्माण के लिए टेंडर निकाले गए। सन 2019 में पुल निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया भोपाल की शुक्ला कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा पुल निर्माण के लिए पिलरों का कार्य शुरू कर दिया। मगर जनप्रतिनिधियों की आपत्ति के चलते 12 करोड़ का कार्य कर शुक्ला कंस्ट्रक्शन कंपनी काम छोड़कर चली गई। 

इसके बाद मध्य प्रदेश की ब्रिज कॉरपोरेशन ने पिनाहट-उसैथ घाट पर पक्का पुल बनाने के लिए 100 करोड़ का तकरीबन टेंडर जारी किया था। पुल बनाने के लिए कई कंपनियों द्वारा टेंडर डाले गए मगर गुजरात की सोना बिल्डर द्वारा पुल निर्माण का कार्य लिया।

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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में इसका भूमि पूजन कर पुल निर्माण कार्य दोबारा से शुरू कराया गया। तब से पुल का कार्य गुजरात की कंपनी द्वारा किया जा रहा है। लोगों को बस यही इंतजार है तब मोटर बोट से नदी पार करने की समस्या खत्म होगी और कब वह अपनी जान आपात में डालने से बचेंगे।

125 करोड़ का 700 मी. ऊंचा पुल बनेगा

अंबाह के उसैद घाट पर मप्र ब्रिज कार्पोरेशन बनवा रहा है, लेकिन अभी तक ब्रिज के 18 में से 14 पिलर बनकर तैयार हो सके हैं। 700 मीटर लंबे और 26 मीटर ऊंचे ब्रिज का काम लगभग 70 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। ब्रिज बनाने वाली कंपनी को 2024 तक इसे बनाकर कंप्लीट करने का लक्ष्य दिया गया है। अभी बारिश के चलते ब्रिज का निर्माण कार्य प्रभावित हैं।

पुल बनने से 200 गांव के लोग होंगे लाभान्वित

उसैद घाट पर पुल बनने से यूपी-एमपी और राजस्थान के करीब 200 गांवों के लोग लाभांवित होंगे। ग्रामीणों को 170 किमी के अतिरिक्त फेरा लगाने से निजात मिल जाएगी। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि अभी बाह, पिनाहट, अंबाह, पोरसा के लोगों को मुरैना-धौलपुर होते हुए राजस्थान व उत्तर प्रदेश के शहरों के लिए जाना पड़ता है। पुल बनने से सीधा रास्ता हो जाएगा। समय और पैसे दोनों की ब
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फैक्ट फाइल

  • 700 मीटर लंबे ब्रिज से अंबाह-यूपी (पिनाहट) क्षेत्र जुड़ेंगे।
  • 18 में से 14 पिलर बनकर हुए हैं कंप्लीट, 4 निर्माणाधीन।
  • 12 मीटर चौड़ाई, 26 मीटर ऊंचा है पानी की सतह से।
  • 150 किमी की दूरी घटकर रह जाएगी 65 से 70 किमी।
  • 70 प्रतिशत काम पूरा, 200 गांव के लोग होंगे लाभान्वित।

ब्रिज को कंप्लीट करने की समय-सीमा 2024 निर्धारित की गई है। कंस्ट्रक्शन कंपनी को काम तेज करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। -डीएस चौहान, एसडीओ लिंक मप्र कार्पोरेशन
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