चुनाव होने के बाद स्थिति जस की तस बनी रही। पिनाहट घाट पर बने पेंटूल पुल से लोगों के साथ कई हादसे हुए तो वहीं वाहन पीपों के पुल से नदी में गिर गए। मोटरबोट चंबल नदी घाट पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने चालू कराई। मगर लोगों को अपनी जान हथेली पर रखकर नदी पार करना पड़ता है।
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मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं देश के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पुल निर्माण को गंभीरता से लिया और इसकी कार्य योजना तैयार कराई। मध्य प्रदेश में शिवराज चौहान की भाजपा सरकार द्वारा बोल निर्माण के लिए टेंडर निकाले गए। सन 2019 में पुल निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया भोपाल की शुक्ला कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा पुल निर्माण के लिए पिलरों का कार्य शुरू कर दिया। मगर जनप्रतिनिधियों की आपत्ति के चलते 12 करोड़ का कार्य कर शुक्ला कंस्ट्रक्शन कंपनी काम छोड़कर चली गई।
इसके बाद मध्य प्रदेश की ब्रिज कॉरपोरेशन ने पिनाहट-उसैथ घाट पर पक्का पुल बनाने के लिए 100 करोड़ का तकरीबन टेंडर जारी किया था। पुल बनाने के लिए कई कंपनियों द्वारा टेंडर डाले गए मगर गुजरात की सोना बिल्डर द्वारा पुल निर्माण का कार्य लिया।
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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में इसका भूमि पूजन कर पुल निर्माण कार्य दोबारा से शुरू कराया गया। तब से पुल का कार्य गुजरात की कंपनी द्वारा किया जा रहा है। लोगों को बस यही इंतजार है तब मोटर बोट से नदी पार करने की समस्या खत्म होगी और कब वह अपनी जान आपात में डालने से बचेंगे।
फैक्ट फाइल
- 700 मीटर लंबे ब्रिज से अंबाह-यूपी (पिनाहट) क्षेत्र जुड़ेंगे।
- 18 में से 14 पिलर बनकर हुए हैं कंप्लीट, 4 निर्माणाधीन।
- 12 मीटर चौड़ाई, 26 मीटर ऊंचा है पानी की सतह से।
- 150 किमी की दूरी घटकर रह जाएगी 65 से 70 किमी।
- 70 प्रतिशत काम पूरा, 200 गांव के लोग होंगे लाभान्वित।
ब्रिज को कंप्लीट करने की समय-सीमा 2024 निर्धारित की गई है। कंस्ट्रक्शन कंपनी को काम तेज करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।
-डीएस चौहान, एसडीओ लिंक मप्र कार्पोरेशन