इनर रिंग रोड स्थित एत्मादपुर मदरा में करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से हैलिपैड की बिल्डिंग बनी। चारों ओर दीवार खड़ी की गई। हेलिकॉप्टर के लिए हैंगर बना। 2016 में इसका निर्माण शुरू हुआ। करीब एक साल निर्माण रुका रहा। 2019 में हेलिपैड तैयार हो गया। उद्देश्य आगरा, मथुरा, वृंदावन व गोवर्धन तक पर्यटकों को धरोहरों के हवाई दर्शन कराना था।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की यह योजना पीएम मोदी के शिलान्यास करने के 4 साल बाद भी मूर्त रूप नहीं ले सकी। यह स्थिति तब है जब दो बार पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और एक बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हेलिकॉप्टर सेवा जल्द शुरू करने की घोषणा कर चुके हैं। वहीं, इस संबंध में संयुक्त निदेशक पर्यटन अविनाश चंद्र मिश्र का कहना है पीपीपी मॉडल पर हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होनी है। टेंडर जारी हुए थे। एक कंपनी का चयन हो चुका है। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही सेवा शुरू हो जाएगी।
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लेनी होंगी एनओसी
जिस कंपनी के लिए कैबिनेट से मंजूरी मिलेगी, उसे उड़ान से पहले डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन डीजीसीए से सभी एनओसी लेनी होगी। उसके बाद ही हेलिकॉप्टर सेवा शुरू हो सकेगी। पर्यटक ताजमहल, फतेहपुर सीकरी, आगरा किले के अलावा मथुरा, वृंदावन एवं गोवर्धन के हवाई दर्शन कर सकेंगे।