परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि कुलपति के निर्देश पर इन 86 कॉलेजों को अंतिम मौका दिया जा रहा है। 28 नवंबर से एक दिसंबर तक छलेसर परिसर में शिविर लगाकर डिग्रियां और अंकतालिकाएं बांटीं जाएंगी।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पास 30 हजार डिग्रियां और अंकतालिकाएं बनकर तैयार हैं। छह महीने से निजी कॉलेज इन्हें लेने नहीं आ रहे हैं। परेशान छात्र विश्वविद्यालय में चक्कर काट रहे हैं।
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विश्वविद्यालय के पास 2015 से 2021 सत्र तक की 30 हजार से अधिक डिग्रियां और अंकतालिकाएं तैयार रखी हैं। ये 86 कॉलेजों की हैं और सभी निजी कॉलेज हैं। छह महीने में विश्वविद्यालय प्रशासन इन्हें तीन बार नोटिस दे चुका है। इसके बावजूद कॉलेेजों की ओर से कोई भी डिग्रियां और अंकतालिकाएं लेने के लिए नहीं आ रहा है। इससे छात्र परेशान हैं और विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि परीक्षा नियंत्रक से पता चला है कि अभी 86 कॉलेजों की 30 हजार से अधिक अंकतालिकाएं और डिग्रियां रखी हैं। कॉलेज इन्हें लेने नहीं आ रहे हैं, एक बार और मौका देने के लिए कहा है, इसके बाद इन पर कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि कुलपति के निर्देश पर इन 86 कॉलेजों को अंतिम मौका दिया जा रहा है। 28 नवंबर से एक दिसंबर तक छलेसर परिसर में शिविर लगाकर डिग्रियां और अंकतालिकाएं बांटीं जाएंगी। इसमें 28 को एक से 250 कोड वाले कॉलेज, 29 को 251 से 500 तक, 30 नवंबर को 501 से 750 कोड वाले और एक दिसंबर को 751 कोड से बचे हुए कोड वाले कॉलेज संचालक डिग्रियां और अंकतालिकाएं लेकर जा सकते हैं। कॉलेज प्रतिनिधि को आधार कार्ड और परिचयपत्र साथ लाना होगा।