डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा
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आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 86वें दीक्षांत समारोह में कोई ड्रेस कोड नहीं होगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंगलवार को कार्य परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय के बृहस्पति भवन में कुलपति प्रो. अशोक मित्तल की अध्यक्षता में हुई बैठक में ड्रेस कोड हटाने का प्रस्ताव रखा गया। सदस्यों ने इसे मंजूरी दे दी।
विवि का दीक्षांत समारोह पांच अप्रैल को प्रस्तावित है। उसी के अनुरूप तैयारियां चल रही हैं। गत दिनों जेपी सभागार में दीक्षांत समारोह की तैयारियों के लिए बनाई गई समितियों के संयोजकों व सदस्यों की बैठक कुलपति प्रो. अशोक मित्तल की अध्यक्षता में बुलाई गई थी। इसमें प्रस्ताव रखा गया था कि दीक्षांत समारोह में पुरुषों के लिए ड्रेस कोड कुर्ता-धोती की जगह कुर्ता-पायजामा रखा जाए। महिलाओं के ड्रेस कोड (सफेद साड़ी लाल बॉर्डर वाली) में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इस पर सहमति बन गई थी। अब सीधे कार्य परिषद में प्रस्ताव रखकर ड्रेस कोड न रखे जाने का निर्णय ले लिया गया है।
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उत्तरीय धुलवाकर व सैनिटाइज करके दी जाएगी
कोरोना संक्रमण के नाम पर ड्रेस कोड हटा दिया गया है, पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उत्तरीय प्रदान की जाएगी। कुलपति प्रो. अशोक मित्तल का कहना है कि सभी को उत्तरीय धुलवाकर और सैनिटाइज कराकर दी जाएगी।
20 जनवरी की कार्य परिषद में लिए निर्णयों पर अब काम होगा
पीआरओ प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि इस कार्य परिषद की बैठक में 20 जनवरी 2021 को हुई कार्य परिषद के मिनट्स को रखा गया, उन्हें फिर से अनुमोदित कराया गया। कार्य परिषद के मिनट्स पर कुलसचिव ने हस्ताक्षर नहीं किए थे, इससे लिए गए निर्णयों पर काम नहीं हो पा रहा था। अब वह सारे काम हो सकेंगे। 20 जनवरी की कार्य परिषद की बैठक में एनडी कॉलेज को पांच वर्ष के लिए डिबार करने, कंप्यूटर साइंस विभाग को इंजीनियरिंग संस्थान से अलग स्थापित किए जाने के लिए कुलपति को अधिकृत करने, आगरा कॉलेज की ललित कला विभागाध्यक्ष डॉ. इंदु जोशी को ललित कला संस्थान की निदेशिका नामित किए जाने सहित अन्य निर्णय लिए गए थे।
परीक्षा समिति व वित्त समिति में लिए गए निर्णय पर मुहर
कार्य परिषद की बैठक में वित्त समिति और परीक्षा समिति में लिए गए निर्णयों पर मुहर लगा दी गई। परीक्षा समिति में बीएड 2013 के प्रकरण में 1100 उन कॉपियों में औसत अंक दिए जाने का निर्णय लिया गया था, जिनको दीमक ने नष्ट कर दिया है। 62 उत्तर पुस्तिकाएं ऐसी थीं, जिनमें ओवर राइटिंग थी, इनका दो परीक्षक मूल्यांकन करेंगे, उनके दिए गए अंकों का औसत अंक दिया जाएगा। दो माह में प्रक्रिया पूरी करनी है। बैठक में परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार, वित्त अधिकारी एके सिंह मौजूद रहे।