प्रतापनगर में दो मजदूरों की हत्या की गई थी। इकतरफा प्यार में बाधक बने महिला के पति को रास्ते से हटाने के लिए शराब में पोटाश मिलाकर दिया गया था। थाना जगदीशपुरा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके हत्याकांड का खुलासा किया है।
बता दें, छतरपुर के रहने वाले मजदूर धनीराम और राजू की 19 दिसंबर की रात प्रतापनगर में शराब पीने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस ने जहरीली शराब का अंदेशे पर पड़ताल की। मजदूरों के परिवारीजनों ने रिपोर्ट भी नहीं लिखाई थी। पुलिस ने छानबीन की तो मामला इकतरफा प्यार में हत्या का निकला। पुलिस ने ठेकेदार रवि के भतीजे रकाबगंज के रावली मोहल्ला निवासी लाखन सिंह से पूछताछ की। रवि ने पुलिस को बताया कि वह राजू की पत्नी बबली से प्यार करने लगा था। उसे कई दफा अपने साथ घुमाने भी ले गया था। वह अकसर राजू के घर जाया करता था। इसका राजू विरोध करने लगा था। उसने घर आने से मना कर दिया। इस पर लाखन ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बना ली। वह 19 दिसंबर की शाम को धनीराम को उसके घर से बुलाकर ले गया। ठेके पर उसे देसी शराब पिलाई। इसके बाद व्हिस्की (अंग्रेजी शराब) का क्वार्टर खरीदा। लाखन ने इसमें से कुछ शराब धनीराम को पिलाई। इसके बाद कहा कि राजू नाराज चल रहा है। तुम्हारा रिश्तेदार है, उसे समझाना, उसे हमारी तरफ से ये शराब पिलाना। लाखन ने शराब के क्वार्टर में पोटाश मिला दिया। धनीराम शराब लेकर राजू के घर पहुंचा। इसके बाद दोनों ने शराब पी ली, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज करके मंगलवार को आरोपी को जेल भेज दिया।
सुपारी देकर कराई थी पति की हत्या
सिकंदरा मेें दिल्ली नगर निगम के कर्मचारी राजवीर की हत्या उसकी पत्नी ने करवाई था। हत्या के लिए सुपारी दी थी। सिकंदरा में 17 दिसंबर को सिकंदरा नहर की पटरी पर दिल्ली नगर निगम के बिजली मैकेनिक रामवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रामवीर सिंह किराये पर केके नगर में पत्नी अंजू के साथ रहता था। वह छह साल से नगर निगम में संविदा पर काम कर रहा था। तीन माह पहले ही उसे स्थायी किया गया था। एसएसपी मोदक राजेश राव ने बताया कि रामवीर दिल्ली से अपने घर केके नगर आया था। उसे शाम को ही दिल्ली लौटना था। रास्ते में उसे उसी मकान में रहने वाला किरायेदार जीतू मिला। जीतू ने रामवीर को टेंपो स्टैंड तक छोड़ने को कहा था। इसके बाद अपने साथी अजय सिंह के साथ मिलकर रामवीर को शराब पिलाई। इसके बाद गोली मारकर हत्या करके शव को फेंक दिया था। पुलिस छानबीन में पता चला कि रामवीर की पत्नी अंजू के संबंध किरायेदार जीतू से थे। उसने जीतू के साथ मिलकर पति की हत्या की योजना बनाई थी। इसके लिए फीरोजाबाद के अपराधी अजय को 20 हजार रुपये की सुपारी दी थी। पुलिस ने बताया कि अजय हत्या के मामले में हाल में ही फीरोजाबाद जेल से छूटा है। वह पांच साल से जेल में था। थाना सिकंदरा पुलिस ने जीतू और रामवीर की पत्नी अंजू को गिरफ्तार किया है। अजय फरार है।