नगर निगम मुख्यालय में सोमवार को सदन की आमसभा में सदस्यों ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के नए यूजर चार्ज के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। निगम की ओर से पहले दरें बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया था, लेकिन कार्यकारिणी की सिफारिशों को मानते हुए सदन ने सर्वसम्मति से शुल्क कम करने के प्रस्ताव को पारित कर दिया। नई दरों के अनुसार कूड़ा उठान अब सस्ता हो जाएगा। साथ ही रजिस्ट्रेशन और टैगिंग शुल्क को खत्म कर दिया गया है।
अलग-अलग श्रेणी के प्रभार शुल्क में भारी कमी की गई है। इससे पहले सभी दलों के पार्षदों ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली स्वच्छता काॅर्पोरेशन के कामकाज पर सवाल उठाए। शिकायतों को देखते हुए किसी एजेंसी से कंपनी के कामकाज की जांच कराने और सभी सौ वार्ड में गलियों तक से कूड़ा उठाने की व्यवस्था ठीक न होने पर पेमेंट रोकने का फैसला भी लिया गया।
सोमवार को तकरीबन एक साल बाद हुई सदन की आम सभा की बैठक की शुरुआत सुबह सवा 11 बजे धन्यवाद प्रस्ताव से हुई। पार्षदों ने स्वच्छता सर्वेक्षण में यूपी में दूसरे स्थान पर रहने पर महापौर हेमलता कुशवाहा और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल को बधाई दी। इसके बाद प्रश्नकाल के दौरान पार्षदों ने सफाई कर्मियों की नियुक्ति, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, निर्माण समेत कई मुद्दों पर प्रश्न पूछे।
पार्षद शरद चौहान प्रकाश केशवानी रवि बिहारी माथुर राकेश जैन हेमंत प्रजापति अनुराग चतुर्वेदी भरत शर्मा प्रेमदास अमित दिवाकर समेत कई पार्षदों ने दो-डोर कूड़ा कलेक्शन और स्वच्छता काॅर्पोरेशन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए प्रस्ताव सदन में पेश किया। चर्चा के दौरान सभी पार्षदों ने कंपनी की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
पार्षदों का आरोप था कि अपार्टमेंट और प्राइवेट कालोनी से लेकर नए जुड़े क्षेत्र और तंग गलियों में भी कचरा कलेक्शन नहीं हो रहा है। कुछ चुनिंदा जगहों पर ही कलेक्शन करके कंपनी मोटा पेमेंट ले रही है। हालांकि महापौर और नगर आयुक्त ने काम काम में ज्यादा पेमेंट के आप को खारिज किया। कहा कि जो जितना काम करेगा, उसे उतना ही पेमेंट मिलेगा।
कंपनी के कामकाज की किसी तीसरी एजेंसी से समीक्षा और जांच कराने, कंपनी अपनी कमियों को दूर कर सभी 100 वार्ड में कूड़ा कलेक्शन शुरू करने तक कोई पेमेंट न करने की बात कही। वहीं, कई पार्षदों ने सफाई कर्मचारियों की भर्ती नियुक्ति और तैनाती और उनके कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए। इससे पहले चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों के बीच तीखी नोंकझोक भी हुई।