आगरा में भीषण गर्मी के बीच कुत्ता काटने के मामलों में तेजी आई है, जिसके चलते जिला अस्पताल में रोजाना 500 से अधिक लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं।
भीषण गर्मी में कुत्ते हिंसक हो रहे हैं। ये लोगों पर हमला कर उन्हें घायल भी कर रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 500 मरीजों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए आ रहे हैं। इनमें 15 फीसदी को 2 से 5 घाव मिल रहे हैं।
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एआरवी के नोडल अधिकारी डॉ. मोहित बंसल ने बताया कि कुत्ता काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। गर्मियों में कुत्ते और हिंसक हो रहे हैं। ओपीडी में रोजाना 500 से अधिक मरीजों को एआरवी लगवाने आ रहे हैं। इसमें बच्चे और बुजुर्गाें की संख्या सबसे अधिक है। इनमें कई मरीजों के दो से अधिक घाव मिल रहे हैं। प्रमुख अधीक्षिका डॉ. सुनीता राठौर ने बताया कि कुत्ते के काटने के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके लिए एआरवी का स्टॉक भी कर लिया है।
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कैस्पर्स होम की विनीता अरोड़ा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के सामने सच नहीं रखा गया। कई तथ्य छिपाए गए हैं। जिस एबीसी नियम का हवाला दिया है, उसी के तहत कुत्ता काटने पर उसे दस दिन निगरानी में शेल्टर होम में रखना होता है। खूंखार कुत्ते की परिभाषा अलग है। हम लोग पूरे देश में बृहस्पतिवार को इसके खिलाफ एक्स पर पोस्ट के जरिए विरोध जताएंगे।
पशु प्रेमीआकाश का कहना है कि जो बेसहारा कुत्ते किसी के खाना डालने पर प्यार से रहते हैं, वही उन्हें मारने पर या भूखा होने पर खूंखार दिखते हैं। यह हर व्यक्ति के व्यवहार पर निर्भर है, ऐसे में कोर्ट के आदेश का गलत फायदा उठाकर बेसहारा कुत्तों के साथ बर्बरता कर सकते हैं। शेल्टर होम में पहले निगरानी की जरूरत है।