वाराणसी से आए मुख्य वक्ता एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी के अध्यक्ष डॉ. अशोक राय ने बताया कि बच्चों को बेवजह डायपर पहनाने का चलन बढ़ा है। इससे बच्चों में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डायपर पहनने से बच्चे के मल त्यागने पर ये गंदगी पेशाब मार्ग तक पहुंचकर मर्ज बना रही है। इससे बच्चों में पेशाब-मल करने की स्वाभाविक प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। ये परेशानी 5 फीसदी बच्चों में मिल रही है। इनमें बच्चियों की संख्या अधिक है। 5-6 साल में ये संख्या लगभग दोगुना हुई है।
आईएपी सचिव डॉ. राहुल पैंगोरिया ने बताया कि कम पानी पीना, देर तक पेशाब रोककर रखने से भी बच्चों में यूरिन संक्रमण मिल रहा है। इससे गुर्दे में संक्रमण का भी खतरा रहता है। नोएडा के डॉ. विवेक गोस्वामी ने बताया कि फास्टफूड-जंक फूड के बढ़ते चलन से बच्चों में लिवर-किडनी में भी संक्रमण मिल रहा है। उन्होंने इससे बचने की सलाह दी है।
अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया के खतरे के बारे में बताते हुए बचाव की जानकारी दी। कार्यशाला में यूपी अध्यक्ष डॉ. आरएन द्विवेदी, जिलाध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल, सचिव डॉ. राहुल पैंगोरिया, डॉ. राकेश भाटिया, डॉ. सुनील अग्रवाल, डॉ. अरुण जैन, डॉ. आरएन शर्मा, डॉ. स्वाति द्विवेदी, डॉ. संजय सक्सेना, डॉ. युवराज सिंह मौजूद रहे।