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Health: डायपर की आदत कर रही नवजात की किडनी खराब, चिकित्सकों ने माता-पिता को दी ये सलाह

Mon, 16 Mar 2026 10:20 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

बाल रोग विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बच्चों को लगातार डायपर पहनाने से यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन और किडनी तक संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि डायपर का इस्तेमाल सीमित समय के लिए करें और बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाएं।
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डायपर की आदत कर रही नवजात की किडनी खराब - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 बच्चों में डायपर पहनने से पेशाब में संक्रमण बढ़ रहा है। इससे गुर्दे तक संक्रमण फैलने का भी खतरा है। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स एसोसिएशन (आईएपी) की आवास विकास कॉलोनी स्थित होटल में हुई कार्यशाला में डॉक्टरों ने बच्चों को डायपर न पहनाने की सलाह दी है।
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वाराणसी से आए मुख्य वक्ता एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी के अध्यक्ष डॉ. अशोक राय ने बताया कि बच्चों को बेवजह डायपर पहनाने का चलन बढ़ा है। इससे बच्चों में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डायपर पहनने से बच्चे के मल त्यागने पर ये गंदगी पेशाब मार्ग तक पहुंचकर मर्ज बना रही है। इससे बच्चों में पेशाब-मल करने की स्वाभाविक प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। ये परेशानी 5 फीसदी बच्चों में मिल रही है। इनमें बच्चियों की संख्या अधिक है। 5-6 साल में ये संख्या लगभग दोगुना हुई है।




 

आईएपी सचिव डॉ. राहुल पैंगोरिया ने बताया कि कम पानी पीना, देर तक पेशाब रोककर रखने से भी बच्चों में यूरिन संक्रमण मिल रहा है। इससे गुर्दे में संक्रमण का भी खतरा रहता है। नोएडा के डॉ. विवेक गोस्वामी ने बताया कि फास्टफूड-जंक फूड के बढ़ते चलन से बच्चों में लिवर-किडनी में भी संक्रमण मिल रहा है। उन्होंने इससे बचने की सलाह दी है।

अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया के खतरे के बारे में बताते हुए बचाव की जानकारी दी। कार्यशाला में यूपी अध्यक्ष डॉ. आरएन द्विवेदी, जिलाध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल, सचिव डॉ. राहुल पैंगोरिया, डॉ. राकेश भाटिया, डॉ. सुनील अग्रवाल, डॉ. अरुण जैन, डॉ. आरएन शर्मा, डॉ. स्वाति द्विवेदी, डॉ. संजय सक्सेना, डॉ. युवराज सिंह मौजूद रहे।




 
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डायपर से ये हो रही है परेशानी:
बार-बार या रुक-रुक कर पेशाब आना।
पेशाब करते वक्त जलन और दर्द होना।

पेट के निचले हिस्से में दर्द रहना।
पेशाब में बदबू आना, बुखार आना।

फंगल इन्फेक्शन, त्वचा की एलर्जी।
ये करें:

एक साल तक के बच्चों को ही डायपर पहनाएं।
ट्रैवल और विशेष मौकों पर इसका इस्तेमाल करें।

बच्चों के 3-4 घंटे बाद डायपर जरूर बदल दें।
बच्चों को पानी की कमी न रहने दें। फास्टफूड न खिलाएं।
 
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