कार्यशालाओं से जागरूक होंगे
12वीं की छात्रा कोमल यादव ने कहा कि अमर उजाला के इस कार्यक्रम से टीकाकरण, कोरोना वायरस समेत अन्य जानकारी मिली। इस तरह की कार्यशालाएं होने से लोग जागरूक होंगे, मैं भी अड़ोस-पड़ोस में टीकाकरण की महत्ता बताऊंगी।
सवाल: टीके के बाद बुखार क्यों आता है?
जवाब: एंटीबॉडी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। जब टीका लगाते हैं तो इससे शरीर का ताप बढ़ जाता है, इससे बुखार आ जाता है। एक-दो दिन में यह ठीक हो जाता है। यह सामान्य है।
सवाल: टीकाकरण के बाद संक्रमित क्यों हुए और मौत क्यों हुईं?
जवाब: टीकाकरण से मर्ज की गंभीरता कम हो जाती है। कई बार लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसकी वजह अन्य बीमारियां हैं। लेकिन तीसरी लहर में कैंसर-टीबी जैसे रोगों से पीड़ित चार-पांच संक्रमितों की ही मौत हुई। टीके कारण लोगों को भर्ती होने की दर भी मामूली रही।
सवाल: कोवाक्सिन और कोविशील्ड में कौन सा टीका सुरक्षित है। देशी-विदेशी टीके में कोई अंतर है?
जवाब: दोनों ही टीके सुरक्षित हैं। उपलब्धता के आधार पर कोई भी लगवा सकते हैं। देशी-विदेशी टीके में कोई अंतर नहीं है।
सवाल: बूस्टर डोज जरूरी है, क्या बार-बार बूस्टर डोज लगवानी पड़ेगी?
जवाब: शरीर में एंटीबॉडी की आपूर्ति के लिए बूस्टर डोज लगवा रहे हैं। दोबारा इसे लगवाने का निर्णय सरकार लेगी।
सवाल: पिछड़े क्षेत्रों में टीकाकरण बढ़ावे के लिए कैसे सहयोग कर सकते हैं?
जवाब: इसकी शुरुआत अपने घर और पड़ोस से कर सकते हैं। अगर कोई ऐसा है, जिसने टीका नहीं लगवाया तो उसके बारे में बता सकते हैं। सब्जी-फल विक्रेता, दूध विक्रेता समेत जिनके संपर्क में आएं, उन्हें टीके का महत्व बता सकते हैं।