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Agra: अस्पताल में दवाएं कम...डॉक्टर लिख रहे महंगी वाली, आदेश के बाद भी जेनेरिक दवाएं नहीं लिखते

Tue, 15 Aug 2023 12:06 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में सरकारी अस्पताल में दवाएं कम हैं। इसलिए डॉक्टर बाहर से महंगी वाली लिख रहे हैं। आदेश के बाद भी वह जेनेरिक दवाएं नहीं लिखते हैं। 
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एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में नेशनल मेडिकल कमीशन ने मरीजों को जेनेरिक दवाएं लिखने का आदेश दिया है। इसके बाद भी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर ऐसा नहीं कर रहे हैं। वो ब्रांडेड कंपनियों की महंगी दवाएं लिख रहे हैं। यह ऐसे वक्त हो रहा है जब एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में दवाओं की कमी है।

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एसएन मेडिकल कॉलेज में करीब 60 तरह की दवाएं ओपीडी में आ रही हैं। इसमें त्वचा, पेट, सांस, हृदय, हड्डी रोग, बाल रोग, दांत व ईएनटी रोग की दवाओं की कमी है। ओपीडी में औसतन 3000 मरीज आते हैं, उन्हें काउंटर से पर्चे पर लिखी सभी दवाएं नहीं मिल रही हैं। 

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हर मरीज को दो-तीन दवाएं बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं। जिला अस्पताल में भी यही हाल है। यहां ओपीडी में करीब 3500 मरीज आते हैं। दोनों जगह डॉक्टर ब्रांडेड कंपनी की दवाएं लिख रहे हैं। ये दवाएं महंगी होती हैं। मजबूरी में मरीजों को खरीदनी पड़ रही हैं।

दवाओं का ऑर्डर किया, जेनेरिक के लिए जारी है पत्र

50 तरह की दवाओं के ऑर्डर किए हैं। कंपनी की ओर से आपूर्ति में देरी हो रही है। जो दवाएं ओपीडी में नहीं हैं, उनकी जेनेरिक दवाएं लिखने का पत्र भी जारी किया है। ऐसा नहीं करने वाले चिकित्सकों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।  -डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य

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जेनेरिक दवाएं लौटा देते हैं डॉक्टर

लेडी लॉयल, एसएन, जिला अस्पताल, सीएचसी में जन औषधि केंद्र खोले हैं, यहां पर डॉक्टर जेनेरिक दवाएं लिखने से बच रहे हैं। कई बार मरीज जेनेरिक दवाएं लेकर जाते हैं, डॉक्टर इनको वापस कर देते हैं। इसके बारे में अधिकारियों से भी इसकी शिकायत कर चुके हैं।  -रविंद्र सिंह, संचालक जन औषधि केंद्र

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पर्चे पर लिखी दो दवाएं ही मिलीं

हड्डी और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत पर एसएन में दिखाया। यहां पांच दवाएं लिखीं, जिसमें से दो ही मिल पाईं। तीन बाजार की लिखीं, ये 450 रुपये की खरीदनी पड़ी।  -गीता देवी, मारुति एस्टेट

बाजार में दवाएं महंगी

सस्ती दवाएं अस्पताल से मिल जाती हैं, लेकिन बाजार की दवाएं महंगी होती हैं। पर्चे पर ब्रांडेड कंपनी की दवा लिख दी जाती है, जो जन औषधि केंद्र पर नहीं मिलती।  -निलोफर, ताजगंज
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