हर मरीज को दो-तीन दवाएं बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं। जिला अस्पताल में भी यही हाल है। यहां ओपीडी में करीब 3500 मरीज आते हैं। दोनों जगह डॉक्टर ब्रांडेड कंपनी की दवाएं लिख रहे हैं। ये दवाएं महंगी होती हैं। मजबूरी में मरीजों को खरीदनी पड़ रही हैं।
दवाओं का ऑर्डर किया, जेनेरिक के लिए जारी है पत्र
50 तरह की दवाओं के ऑर्डर किए हैं। कंपनी की ओर से आपूर्ति में देरी हो रही है। जो दवाएं ओपीडी में नहीं हैं, उनकी जेनेरिक दवाएं लिखने का पत्र भी जारी किया है। ऐसा नहीं करने वाले चिकित्सकों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
-डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य
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जेनेरिक दवाएं लौटा देते हैं डॉक्टर
लेडी लॉयल, एसएन, जिला अस्पताल, सीएचसी में जन औषधि केंद्र खोले हैं, यहां पर डॉक्टर जेनेरिक दवाएं लिखने से बच रहे हैं। कई बार मरीज जेनेरिक दवाएं लेकर जाते हैं, डॉक्टर इनको वापस कर देते हैं। इसके बारे में अधिकारियों से भी इसकी शिकायत कर चुके हैं।
-रविंद्र सिंह, संचालक जन औषधि केंद्र
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