डॉक्टरों की कमी के चलते जिला महिला अस्पताल बंद हो गया है। यहां तैनात डॉक्टर और स्टाफ को सौ शैया अस्पताल से संबद्ध कर दिया गया है। पर्याप्त स्टाफ न होने से यहां भी मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
वर्ष 1962 में महाराजा तेज सिंह जिला महिला अस्पताल की स्थापना कराई गई थी। 2019 तक जिले में महाराजा तेज सिंह महिला जिला अस्पताल संचालित हो रहा था। इस अस्पताल के लिए अब भी आठ पदों के सापेक्ष सीएमएस और दो डॉक्टरों की तैनाती है।
जुलाई 2019 तक यहां प्रतिदिन 400 से 500 महिला मरीज उपचार के लिए आते थे। इस अस्पताल के लिए आठ डॉक्टरों के पद सृजित थे, इनमें से मात्र तीन डॉक्टर ही मिल सके। यहां स्टाफ की व्यवस्था न होने के कारण जिला प्रशासन ने अगस्त 2019 में सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल के शुरू होते ही महाराजा तेज सिंह जिला महिला अस्पताल को बंद करा दिया। यहां के स्टाफ को सौ शैया से संबद्ध कर दिया गया। अब दोनों ही अस्पतालों के डॉक्टरों की संख्या मिलकर छह हो गई है। इसमें भी एक चिकित्सक जिला अस्पताल से संबद्ध हैं।