चिकित्सक का आरोप है कि जमीन पहले से ऋणग्रस्त होने के बावजूद उससे करोड़ों रुपये का सौदा कराया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा ओबीसी मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य मिश्रीलाल राजपूत पर धोखाधड़ी का आरोप लगा है। आईसीआईसीआई बैंक से 1.06 करोड़ रुपये का ऋण लेने के मामले में उनके खिलाफ पहले ही प्राथमिकी दर्ज हुई थी। अब एक चिकित्सक ने भी उन पर जमीन सौदे में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
डॉ. अंकुश श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2021 में परिचित नावेद ने उन्हें जमीन खरीद में निवेश के लिए प्रेरित किया। उनके कहने पर डॉ. श्रीवास्तव ने मिश्रीलाल राजपूत की एक संपत्ति आईसीआईसीआई बैंक से गृह ऋण लेकर पंजीकृत कराई। मिश्रीलाल ने ऋण लेने में मदद की और अपने व पत्नी के दस्तावेज दिए। ऋण की धनराशि मिश्रीलाल के खाते में ही स्थानांतरित हुई थी। डॉ. श्रीवास्तव ने 1.93 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी थी। बाद में उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। जिस संपत्ति का सौदा किया गया था, उस पर मिश्रीलाल ने पहले से ही ऋण ले रखा था।
इन साक्ष्यों के आधार पर 13 अगस्त 2025 को थाना ताजगंज में प्राथमिकी दर्ज हुई। मिश्रीलाल इस मामले में उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश ले आए थे। पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि दोनों पक्षों से साक्ष्य लेकर कार्रवाई की जाएगी।