कासगंज। तेज धूप के चलते इस समय गर्मी बढ़ी है। तापमान भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में कुछ किसान धान की नर्सरी (पौध) लगाने की तैयारी भी कर रहे हैं। जबकि कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह समय धान की नर्सरी के लिए अनुकूल नहीं है। इस संबंध में कृषि विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर किसानों को तापमान कम होने तक इंतजार करने की सलाह दी है।
जनपद में लगभग 18000 हेक्टेयर में धान की फसल होती है। अत्यधिक गर्मी के कारण धान के बीजों का अंकुरण और विकास प्रभावित हो जाता है। ऐसे में किसानों को अभी नर्सरी न लगाने और तपमान में कुछ कमी आने का इंतजार करने की सलाह कृषि विभाग ने दी है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र ने बताया कि इन दिनों तापमान लगभग 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है। जो धान की पौध के लिए उपयुक्त नहीं है। इससे धान के बीजों का अंकुरण ठीक से नहीं हो सकेगा।
वहीं धान के छोटे पौधे इतनी अधिक गर्मी और धूप बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं और वह झुलस सकते हैं। धान की पौध डालने के लिए दिन में 30 से 35 डिग्री सेल्सियस तथा रात के दौरान 15-22 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। ताकि धान के बीजों के अंकुरण के लिए नमी और उचित तापमान मिल सके। अभी तापमान अंकुरण के लिए अनुकूल नहीं है। पौधों के उगने के बाद नर्सरी के प्रबंधन में खासी परेशानी होगी। उन्होंने बताया कि इस समय किसान खेतों की गहरी जुताई करके छोड़ दें। जिससे भूमि के अंदर रोग फैलाने वाले फफूंद, जीवाणु तथा हानिकारक कीट के अंडे, प्यूपा, लार्वा सहित हानिकारक खरपतवारों के बीज नष्ट हो जाएंगे। भूमि में वायु संचार बढ़ने से जल धारण क्षमता भी बढ़ेगी। गर्मी कम होने पर धान सहित अन्य खरीफ की फसलों का उत्पादन अच्छा होगा। उन्होंने धान की नर्सरी के लिए किसानों को इंतजार करने की सलाह दी है।