यूपी कैडर के 2011 बैच के आईएएस अधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने आगरा में जिलाधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल में अमिट छाप छोड़ी है। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि उटंगन नदी पर चलाया गया देश का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन रहा, जिसने उनकी संकट प्रबंधन क्षमता का लोहा मनवाया।
शहर की बढ़ती आबादी और शहरीकरण की जरूरतों को देखते हुए अटलपुरम और ग्रेटर आगरा जैसी महत्वाकांक्षी टाउनशिप परियोजनाएं लंबे समय से अधर में थीं। जिलाधिकारी ने स्वयं रुचि लेकर किसानों और प्रशासन के बीच संवाद कायम किया। उन्होंने पारदर्शिता के साथ मुआवजा वितरण सुनिश्चित कराया, जिसके परिणामस्वरूप इन प्रोजेक्ट्स की राह आसान हो सकी। स्कूलों में मनमानी फीस और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ उन्होंने सख्त रुख अपनाया। अरविंद मल्लप्पा बंगारी को सही मायनों में जनता का जिलाधिकारी कहा गया।
प्रशासनिक व्यस्तताओं के बावजूद उनकी प्राथमिकता हमेशा आम आदमी की समस्याओं को सुनना और उनका त्वरित समाधान करना रही। उनके आने से पहले आईजीआरएस और जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण से असंतुष्टि का स्तर लगभग 70 प्रतिशत तक रहता था। जिलाधिकारी की प्रभावी मॉनिटरिंग और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का ही परिणाम था कि उनके जाने से पहले यह ग्राफ गिरकर 25 प्रतिशत से भी कम रह गया।