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Diwali 2025: रूप चतुर्दशी पर पूजा से दूर होता है अकाल मृत्यु का भय, जानें लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

Sat, 18 Oct 2025 08:43 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

पंचोत्सव का आगाज हो चुका है। सबसे महत्वपूर्ण पर्व दिवाली सोमवार 20 अक्तूबर कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाएगा। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन समुद्र मंथन से माता लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था।
 
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दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का समय। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अंधकार से प्रकाश का संदेश देता दीपों का पर्व यानि दिवाली। पांच दिवसीय दिवाली पर्व में रविवार को छोटी दिवाली या रूप चतुर्दशी मनाई जाएगी। कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी 19 अक्तूबर को दोपहर 1.51 से प्रारंभ होगी। जो 20 अक्तूबर दोपहर 3.45 बजे तक रहेगी। 
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इस बार छोटी दिवाली यानि रविवार को सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6.45 बजे से रात 8:43 तक रहेगा। वहीं अमृत सिद्ध योग शाम 5:50 से रात 8:43 बजे तक रहेगा। ऐसी मान्यता है कि नरक चतुर्दशी या रूप चतुर्दशी के दिन यम देव की पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। इस दिन घर के मुख्य द्वार और नालियों के पास सरसों के तेल के दिए रखने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

दिवाली सोमवार को
पंचोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण पर्व दिवाली सोमवार 20 अक्तूबर कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाएगा। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन समुद्र मंथन से माता लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था और भगवान विष्णु ने उन्हें अर्धांगिनी स्वरूप में स्वीकार किया था। देवी लक्ष्मी के प्राकट्य की खुशी में देवताओं ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया। इसके साथ ही भगवान राम इसी दिन वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे थे।
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ऐसे करें लक्ष्मी पूजन
ईशान कोण में चौकी रखकर उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं। गंगाजल से पूजा स्थल को पवित्र करें। फिर चौकी पर महालक्षमी और गणपति की मूर्ति स्थापित करें। पूजा करते समय आपका मुंह पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए। भगवान को नए वस्त्र, आभूषण, पुष्पमाला, इत्र, केसर चंदन, अक्षत अर्पित करें। गणेश जी को जनेऊ अर्पित करें। इसके बाद कुबेर जी की भी पूजा करें।सरस्वती पूजन के लिए बही, पेन, अपनी पुस्तिका आदि की पूजा करें। उस पर स्वास्तिक बनाएं। लक्ष्मी और गणेश जी सामने घी का दीप प्रज्ज्वलित करें। कम से कम 21 दीप अवश्य जलाएं। भगवान का भोग लगाकर सभी को प्रसाद वितरित कर बड़ों से आशीर्वाद लें।

दिवाली पूजन का शुभ मुहूर्त
दोपहर 2.53 बजे से 4:23 बजे तक
शाम को घरों में 7:29 से रात 9:26 बजे तक

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