रूप चतुर्दशी या नरक चौदस (11 नवंबर)
ऐसी मान्यता है कि लक्ष्मी जी की बड़ी बहन अलक्ष्मी इस दिन प्रकट हुई थी। इस दिन सुबह तेल की मालिश करके स्नान करना शुभ बताया गया है, इससे अलक्ष्मी का प्रभाव नहीं पड़ता है और दरिद्रता दूर रहती है। छोटी दीपावली के दिन हनुमान जी की पूजा भी बड़े मनोयोग से की जाती है। इस दिन हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाकर चूर में या आटे से बने मीठे खाद्य पदार्थ का भोग लगाया जाता है। इससे वह प्रसन्न होते हैं और अप्रत्यक्ष कष्ट का निवारण कर देते हैं। इस दिन शाम को 7 या 11 दीपक घर के मुख्य द्वार के बाहर जलाने चाहिए।
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दिवाली (12 नवंबर)
धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी का इसी दिन समुद्र मंथन से प्राकट्य हुआ था। यह कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाती है। रात 12 बजे से प्रातःकाल तक का समय महानिशा काल कहलाता है। इस दिन लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु गणपति, सरस्वती, हनुमान जी का पूजन करना चाहिए। दिवाली की पूजा हमेशा स्थिर लग्न में करनी चाहिए। चार स्थिर लग्न के अलावा भी दो अन्य लग्न ऐसे हैं जिनमें पूजा की जा सकती है।
शुभू मुहूर्त
प्रातःकाल 7:20 से 9:37 तक वृश्चिक लग्न
दोपहर 1:24 से 2:55 तक कुंभ लग्न
शाम को 6 बजे से 7:57 तक वृषभ लग्न। इस समय सभी लोगों को घरों में पूजा करनी चाहिए।
शाम 7:57 बजे से रात 10:10 तक भी घरों में पूजा कर सकते हैं।
अंतिम शुभ मुहूर्त अर्धरात्रि में 12:28 से लेकर 2:45 तक सिंह लग्न में है। जिन लोगों की पूजा किसी कारण से रह जाए वो अंतिम मुहूर्त में भी पूजन कर सकते हैं।
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गोवर्धन पूजा (14 नवंबर)
गोवर्धन पूजा हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाते हैं। इस दिन गोवर्धन पर्वत, भगवान श्रीकृष्ण और गोमाता की पूजा करने का विधान है। इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने देवताओं के राजा इंद्र के अहंकार को नष्ट किया था। इस दिन मंदिरों के अलावा कॉलोनी आदि में गाय के गोबर से गोवर्धन भगवान के बड़े सुंदर प्रतिरूप बनाकर पूजा की जाती है।
भाई दूज (15 नवंबर)
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को हर वर्ष भाई दूज के रूप में मानते हैं। इस पर्व को सबसे पहले यमुना जी ने अपने भाई यमराज को तिलक किया था इससे प्रसन्न होकर यमराज ने यमुना को उपहार स्वरूप यह वचन दिया था कि वर्ष में एक बार मैं आपके पास अवश्य आऊंगा। जो भाई अपनी बहन से इस दिन तिलक करवाएगा, साथ में यमुना नदी में स्नान करेंगे उनको अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा।