मथुरा के स्वेज फार्म निवासी सेठी (38) पुत्र खेमचंद्र एक पैर से दिव्यांग है। वह बैसाखी के सहारे चलता है। वह शनिवार की सुबह अडींग के समीप नहर में कूद गया। राहगीरों और पुलिस ने उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
मथुरा का एक दिव्यांग युवक दो साल से गोवर्धन में रह रहा है। उसका आरोप है कि उसे किरायेदार ने दुष्कर्म के झूंठे केस में फंसा दिया। इससे आहत होकर उसने शनिवार को अडींग के समीप नहर में कूदकर आत्मदाह का प्रयास किया। पुलिस ने राहगीरों की मदद से युवक को रजवाह से सकुशल निकाल लिया। पुलिस उसके परिजनों से संपर्क करने में जुटी है।
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मथुरा के स्वेज फार्म निवासी सेठी (38) पुत्र खेमचंद्र एक पैर से दिव्यांग है। वह बैसाखी के सहारे चलता है। शनिवार की सुबह वह घर से गोवर्धन पहुंचा। गोवर्धन-मथुरा मार्ग स्थित अडींग के समीप नहर में कूद गया। वहां से गुजर रहे राहगीरों की नजर उस पर पड़ी। राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। दरोगा डीसी यादव मौके पर पहुंचे।
उन्होंने राहगीरों की मदद से दिव्यांग को नहर से बाहर निकाला। दिव्यांग सेठी ने बताया कि वह दो साल से गोवर्धन की इंद्रा कॉलोनी में रह रहा है। नदवई राजस्थान के किरायेदार ने दुष्कर्म के झूंठे केस में फंसा दिया है। इसलिए आत्महत्या करना चाहता है। थानाध्यक्ष नितिन कसाना ने बताया दिव्यांग को सकुशल निकाल लिया है। मामले की जांच की जा रही है।