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नवीन मंडी में 150 अवैध निर्माणों पर चलेगा बुल्डोजर

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नवीन मंडी में किए गए अवैध कब्जे - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। नवीन मंडी में अवैध कब्जों पर प्रशासन सख्त हो गया है। पहले चरण में डेढ़ सैकड़ा अवैध निर्माणों को जल्द ही ध्वस्त किया जाएगा। मंडी प्रशासन ने इसके लिए कब्जों का चिह्नांकन कर लिया है। अवैध निर्माण कार्यों पर मंडी में ये पहली कार्रवाई होगी। मंडी प्रशासन की कार्रवाई की सूचना कब्जेदारों को भी लग चुकी है।
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नवीन मंडी में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से अतिक्रमण किया है। इसमें मंडी समिति की भी भूमिका रही है। सालों से होते रहे इन निर्माण कार्यों को नहीं रोका गया। अब मंडी प्रशासन अवैध निर्माण को ध्वस्त कराएगा। मंडी प्रशासन ने जांच कर पहले चरण में 150 अवैध निर्माण चिह्नित किए हैं। ये निर्माण ऐसे हैं जो खाली पड़े हुए हैं। न तो इनमें कोई कारोबार हो रहा है और न ही इनको भंडारण के लिए उपयोग किया जा रहा है। इसलिए इन्हें हटाना प्रशासन के लिए आसान होगा। मंडी सचिव ने इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी है। जल्द ही इन निर्माणों को ध्वस्त कराया जाएगा। अवैध निर्माणों के खिलाफ मंडी में ये पहली कार्रवाई होगी। मंडी प्रशासन भी इसके लिए तैयारी कर रहा है। माह के अंत तक अवैध निर्माण कार्यों पर कार्रवाई की जाएगी।
इसलिए खाली हैं अवैध कब्जे
मंडी में पांच सौ से अधिक कमीशन एजेंट काम करते हैं। शायद ही ऐसा कोई होगा, जिसके पास तीन से चार लाइसेंस न हों। वे एक ही दुकान पर कारोबार कर रहे हैं, लेकिन दूसरे लाइसेंस के नाम से उन्होंने खाली पड़ी जमीन पर अवैध निर्माण कर लिया है। इस निर्माण में कोई कारोबार नहीं हो रहा है। 150 निर्माण में से एक सैकड़ा निर्माण ऐसे ही हैं।
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अनियमितताओं में नप चुके हैं मंडी सचिव
नवीन मंडी में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं। कई एकड़ में फैली नवीन मंडी की भूमि पर करीब दो सौ से अधिक अवैध निर्माण किए गए हैं। इसके अलावा बिजली के ठेके में भी गड़बड़ी की गई। इसकी जांच हुई तो मंडी परिषद ने तत्कालीन मंडी सचिव गौरव सिंह को दोषी पाया। उप निदेशक मंडी परिषद और जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर सचिव को निलंबित कर दिया था।
तीन सदस्यीय समिति कर रही है जांच
मंडी में अवैध निर्माण के अलावा अभी और भी भ्रष्टाचार के मामले सामने आने बाकी हैं। गेट पास, 6आर और 9आर रसीदों में गड़बड़ी के मामले सामने आने के बाद उप निदेशक मंडी परिषद ने तीन सदस्यीय समिति को जांच सौंपी है। इसमें मंडी सचिव आगरा, मंडी सचिव मथुरा और लेखाधिकारी को शामिल किया गया है।
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मंडी में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किए गए हैं। उच्चाधिकारियों के आदेश पर अवैध निर्माण की रिपोर्ट भेजी गई है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
प्रदीप कुमार, मंडी सचिव।
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