मैनपुरी। जिले में संक्रामक बीमारियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बुखार और डायरिया जानलेवा हो गया है। डायरिया से पीड़ित एक और वृद्धा की जिला अस्पताल में मौत हो गई। जबकि 22 अन्य मरीजों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। तीन दिन में डायरिया से हुई तीन मौतें विभाग के लिए चिंता का विषय है।
शुक्रवार सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल में बुखार व डायरिया से पीड़ित 22 मरीजों को गंभीर हालत के चलते भर्ती कराया गया। जबकि नौ मरीजों को गंभीर हालत देखते हुए मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर किया गया। थाना भोगांव क्षेत्र के गांव चतुरीबरी निवासी 80 वर्षीय शकुंतला देवी को पिछले कई दिनों से डायरिया की दिक्कत थी।
परिजनों ने उन्हें चार दिन पूर्व जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया था। यहां उपाचार के दौरान गुरुवार रात शकुंतला देवी की मौत हो गई। पिछले तीन दिनों में जिले में डायरिया से पीड़ित तीन मरीजों की मौत हो चुकी है।
अभियान की धीमी गति पर डीएम ने जताई नाराजगी
संचारी रोग नियंत्रण अभियान की धीमी गति पर डीएम प्रमोद कुमार उपाध्याय ने भी गुरुवार को आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में नाराजगी व्यक्त की थी। डीएम ने सभी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में संचारी रोगों के नियंत्रण के लिए पूरी लगन के साथ कार्य करें। अन्यथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
मौसम में बुजुर्गों का रखें विशेष ख्याल
सीएमओ डॉ. एके पांडेय ने बताया कि यह मौसम बुजुर्गों के लिए बहुत ही खतरनाक है। मौसम में बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्हें रात के समय खुले आसमान के नीचे न लिटाया जाए। मौसम में वायरल चल रहा है। ऐसे में सर्दी, जुकाम के साथ बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं।
बुजुर्गों के लिए सर्दी जुकाम व बुखार खतरा बन सकता है। लापरवाही पर गला जाम होने से उनकी मौत भी हो सकती है। ऐसे में उनका ख्याल रखा जाए और जरा भी दिक्कत होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया जाए।