डीएम साहब, ड्रग इंस्पेक्टर के दफ्तर में दलालों का साम्राज्य है। बाजार में एकाधिकार (मोनोपोली) वाली दवाएं बिक रही हैं। नकली एंटी रेबीज इंजेक्शन बिक रहे हैं। ड्रग लाइसेंस का सत्यापन नहीं हो रहा। अवैध रूप से कारोबार चल रहा है। ये आरोप जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशु शर्मा ने जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी के सामने ड्रग इंस्पेक्टर पर लगाए। मौका था कलेक्ट्रेट में औषधि व खाद्य सुरक्षा प्रशासन की समीक्षा बैठक का।
केमिस्ट एसोसिएशन के आरोपों पर जिलाधिकारी ने ड्रग इंस्पेक्टर नवनीत कुमार यादव और कपिल शर्मा को आड़े हाथों लिया। पूछा, 2023-24 में कितने छापे मारे। जवाब मिला, 30 दुकानों पर, 11 पर सील लगाई। जिलाधिकारी ने लंबित मुकदमों की प्रगति पूछी तो ड्रग इंस्पेक्टर बगले झांकने लगे।
बताया कि 2009 से 2024 तक 164 मुकदमे लंबित हैं। केवल एक का निस्तारण हो सका है। जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और तीन साल पुराने मामलों का तीन माह में निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लापरवाही पर संबंधित के विरुद्ध शासन को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
जिलाधिकारी ने जिला खाद्य अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी व सीएफओ राजेश गुप्ता से प्रगति पूछी। उन्होंने बताया कि 2023-24 में 882 दुकानों पर नमूने भरे गए हैं। सभी नमूनों की वस्तुवार रिपोर्ट तलब की गई। जिलाधिकारी ने सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक नियमित ड्रग व फूड इंस्पेक्टर को दफ्तर में जनसुनवाई के निर्देश दिए हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट से मांगा स्पष्टीकरण
औषधि व खाद्य सुरक्षा प्रशासन के नोडल अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान से 10 महीने में एक भी समीक्षा बैठक नहीं कराने पर जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता के विरुद्ध कार्य में लापरवाही पर प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम सिटी अनूप कुमार, बीएसए जितेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
कलेक्ट्रेट से शिफ्ट होगा दफ्तर
ड्रग व फूड इंस्पेक्टर के दफ्तर कलेक्ट्रेट से बरौली अहीर शिफ्ट होंगे। इनके अलावा जिला प्रोबेशन अधिकारी व मनोरंजन कर विभाग का दफ्तर भी बरौली अहीर में नवनिर्मित भवन में शिफ्टिंग के निर्देश दिए हैं।