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बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली पर विवाद: 6 पोतियों ने DM को पत्र लिख की ये मांग, प्रशासनिक ट्रस्ट का प्रस्ताव रखा

Tue, 25 Aug 2026 09:40 AM IST
Sharukh Khan राहुल दक्ष, अमर उजाला, फिरोजाबाद

सार

बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली पर कब्जे का आरोप लगाया है। छह पोतियों ने डीएम को पत्र लिखा है। पोतियों ने डीएम से खाली कराने की मांग की है। टूंडला के अकबरपुर स्थित पैतृक मकान को श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट से मुक्त कराने की मांग की है। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पक्षों के साथ बैठक करेंगे। दस्तावेजों की जांच के बाद मामले का हल तलाशेंगे।
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Baba Neeb Karori - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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फिरोजाबाद के टूंडला के अकबरपुर स्थित बाबा नीम करौरी की जन्मस्थली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पैतृक मकान को श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट से मुक्त कराने के लिए उनके छोटे बेटे की छह बेटियों (पोतियों) ने प्रशासनिक अफसरों से गुहार लगाई है।
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बाबा नीब करोरी (मूल नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा) और उनकी पत्नी राम बेटी शर्मा के दो बेटे अनेक सिंह शर्मा व धर्म नारायण शर्मा थे। एक बेटी गिरजा भटेले आगरा में रहती हैं। छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा का कोई पुत्र नहीं है, उनकी छह बेटियां सुनीता शर्मा (वृंदावन), अर्चना शर्मा (दिल्ली), वंदना शर्मा (मथुरा), भावना रावत (मुंबई), रितु तिवारी (दिल्ली) और रिचा रावत (गुरुग्राम) हैं।

ये सभी बहनें बीते 14 अगस्त को अपनी मां की पुण्यतिथि मनाने अकबरपुर आई थीं। इसी दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा, जिसे 21 अगस्त को विधिवत पत्रवाहक के जरिए दर्ज कराया गया। 
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जिलाधिकारी को सौंपे पत्र में बहनों ने आरोप लगाया है कि अकबरपुर स्थित ग्राम पंचायत नगला के निजी मकान संख्या 154-व में बाबा नीम करोरी का ध्यान कक्ष, भोजनालय, अतिथि कक्ष और शयन कक्ष बना हुआ है, जिस पर श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट काबिज है।

सोमवार को भावना रावत के पति मनोज रावत मुंबई से फिरोजाबाद पहुंचे और उन्होंने डीएम से मुलाकात कर बताया कि श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट में संजय गुप्ता ट्रस्टी थे और उनके ससुर धर्म नारायण शर्मा की सेवा करते थे। ससुर के निधन के बाद उन्होंने ट्रस्ट पर अपना एकाधिकार स्थापित कर बाबा नीब करोरी के पैतृक मकान पर कब्जा कर लिया। मनोज रावत ने जिलाधिकारी से मामले में कार्रवाई करने, पैतृक संपत्ति वापस दिलाने और मकान को मुक्त कराने की मांग की।

प्रशासनिक ट्रस्ट का प्रस्ताव रखा
मनोज रावत ने जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान इस विवाद के स्थायी समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रस्ताव भी रखा। कहा कि वर्तमान में फिरोजाबाद प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार का पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय अकबरपुर में बाबा नीब करौरी के भव्य कॉरिडोर का निर्माण करा रहा है। 

 

ऐसे में जन्मस्थली के रखरखाव और निजी ट्रस्टी के एकाधिकार को लेकर चल रहे विवाद को हमेशा के लिए समाप्त करने की आवश्यकता है। उन्होंने जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्ताव रखा कि जिला प्रशासन की ओर से एक आधिकारिक प्रशासनिक ट्रस्ट का गठन किया जाए।

 

इस ट्रस्ट में जिलाधिकारी फिरोजाबाद को पदेन अध्यक्ष बनाया जाए और एसडीएम, तहसीलदार व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को विभिन्न पदों पर पदेन सदस्य के रूप में नियुक्त किया जाए। उनका तर्क है कि सरकारी नियंत्रण में प्रशासनिक ट्रस्ट बन जाने से निजी कब्जों और स्वार्थों से जन्मस्थली को मुक्त कराया जा सकेगा। साथ ही कॉरिडोर परियोजना के तहत आने वाले देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं पारदर्शी और सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगी।

 
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बाबा नीब करौरी महाराज की पोतियों का पत्र प्राप्त हुआ है। मनोज रावत से भी मुलाकात व वार्ता हुई है। इस पक्ष की शिकायत/सुझावों पर विचार के लिए सभी संबंधित पक्षों को बुलाकर बैठक की जाएगी। बैठक में आने वाले विचारों व सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही मामले में आगे की कोई राह तलाशी जाएगी।- संतोष कुमार शर्मा, डीएम, फिरोजाबाद
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