जनकपुरी महोत्सव के 148 साल के इतिहास में पहली बार हुआ कि दशरथ बिना ही माता सीता की विदाई हो गई। शनिवार को भी राजा दशरथ बने अजय कुमार अग्रवाल शामिल नहीं हुए। वे आयोजन के बीच में ही लंदन रवाना हो गए हैं। उन्होंने बढ़हार में आमंत्रण न मिलने पर आयोजन का बहिष्कार करते हुए अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस आयुक्त से सुरक्षा की मांग के लिए पत्र भेजा था।
शुक्रवार को राजा दशरथ बने अजय कुमार अग्रवाल ने बढ़हार भोज के लिए राजा जनक बने राजेश अग्रवाल पर आमंत्रण न मिलने का आरोप लगाते हुए आयोजन का बहिष्कार कर दिया था। उन्होंने आयोजन में अव्यवस्थाओं का हवाला देते हुए दो पार्षदों पर भी गंभीर आरोप लगाए थे।
उन्होंने जान से मारने की धमकी मिलने की बात कहते हुए पुलिस आयुक्त से सुरक्षा की मांग के लिए पत्र लिखा था। शनिवार को जनकपुरी महोत्सव में माता जानकी की विदाई हुई, लेकिन इसमें राजा दशरथ शामिल नहीं हुए। इनके बिना ही प्रभु राम बरात लेकर अवध के लिए लौट गए।
राजा दशरथ बने अजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि व्यापार के सिलसिले में लंदन आ चुके हैं। बढ़हार का आमंत्रण न मिलने और आयोजन में अपमान होने पर पहले ही मैंने इसका बहिष्कार कर दिया था। सप्ताह भर बाद आगरा लाैटूंगा।
दो पार्षदों ने प्रेसवार्ता की स्थगित
राजा दशरथ बने अजय कुमार अग्रवाल ने जनकपुरी महोत्सव में दो पार्षदों पर अभद्रता करने और आयोजन के नाम पर वारे-न्यारे करने का आरोप लगाया था। इस पर दूसरे पक्ष के दोनों पार्षदों ने शनिवार की सुबह प्रेसवार्ता करने की घोषणा की। चंद घंटों बाद ही दोनों पार्षदों ने प्रेसवार्ता स्थगित कर दी है। बताया जताया कि आयोजन संपन्न होने के बाद दोनों पार्षद आरोपों का जवाब देने के लिए प्रेसवार्ता करेंगे।
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