शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतदाता सूची में एक ही शिक्षिका का दो जगह नाम दर्ज है लेकिन पता अलग-अलग है। एक जगह डिफेंस कॉलोनी, सदर बाजार तो दूसरी जगह प्रताप पुरा, सदर बाजार लिखा है।
अध्यापक बनने की योग्यता नहीं, स्कूल का पता नहीं फिर भी शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतदाता सूची में नाम शामिल हो गए। आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट की पड़ताल में ऐसे ही खेल का पता चला है। सूची में एक ही शिक्षक के दो जगह नाम दर्ज हैं तो कई ऐसे विद्यालयों के शिक्षक मतदाता बना दिए गए हैं जो अस्तित्व में ही नहीं हैं। बाह की दो बहनों को भी मतदाता बना दिया गया जो हाल ही में स्नातक हुई हैं। उनके पास बीएड की डिग्री भी नहीं है। इसी साल होने वाले चुनाव से पहले मतदाता सूची में गड़बड़ी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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सबसे बड़ा मामला जीजीआईसी के नाम पर दर्ज मतदाताओं का है। आगरा में इस नाम से कोई माध्यमिक विद्यालय संचालित नहीं हो रहा है लेकिन मतदाता सूची में करीब 12 मतदाताओं के नाम इसी स्कूल के हैं। पड़ताल में जीजीआईसी के नाम पर दर्ज दो शिक्षिकाओं के नाम दूसरे स्कूल की शिक्षिकाओं से हूबहू मेल खाते मिले।
डिफेंस कॉलोनी निवासी शिक्षिका सरिता पोखरियाल का नाम सूची में एक जगह जीजीआईसी की शिक्षिका के रूप में दर्ज है। उनके पिता का नाम स्वर्गीय एमएन पोखरियाल है। वहीं गीता ज्ञान गर्ल्स इंटर कॉलेज के नाम से दर्ज प्रविष्टि में सरिता पोखरियाल के पति का नाम स्वर्गीय मन पोखरियाल दर्ज है।
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सरिता पोखरियाल से बात की गई तो बताया कि उन्होंने शादी नहीं की है। एमएन पोखरियाल उनके पिता थे। वह गीता ज्ञान गर्ल्स इंटर कॉलेज में शिक्षिका हैं। एक ही शिक्षिका का दो जगह नाम दर्ज है लेकिन पता अलग-अलग है। एक जगह डिफेंस कॉलोनी, सदर बाजार तो दूसरी जगह प्रताप पुरा, सदर बाजार लिखा है।
सृष्टि का नाम भी दो जगह
मतदाता सूची में गीता ज्ञान गर्ल्स इंटर कॉलेज की शिक्षिका सृष्टि कुमारी का नाम भी दो जगह दर्ज है। उनके पिता का नाम हरिनाम सिंह है। एक जगह उन्हें गीता ज्ञान गर्ल्स इंटर कॉलेज की शिक्षिका तो दूसरी जगह जीजीआईसी की शिक्षिका दर्शाया गया है।
20-22 साल की बेटियां भी शामिल
सूची में बाह के केसीएचएसएस स्कूल के नाम से चार मतदाता हैं। पड़ताल में सामने आया कि इसका वास्तविक नाम कंचन कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल है। संक्षिप्त नाम केसीएचएसएस का इस्तेमाल किया गया है। स्कूल में पढ़ाने वाली नेहा और हिमांशी को शिक्षक मतदाता बनाया गया है। दोनों बहनों के पिता जैसीराम ने बताया कि उनकी बेटियां अभी 20 और 22 वर्ष की हैं। हाल ही में स्नातक किया है। उनके पास बीएड की डिग्री भी नहीं है। शिक्षा विभाग के लोग आए थे। उन्होंने ही वोटर बनाया है।
जमीन पर नहीं मिला विद्यालय
बिचपुरी ब्लॉक में चित्रहार जंतपुर कला, आगरा के नाम से विद्यालय दिखाकर अशोक कुमार को मतदाता बनाया गया है। इसकी पड़ताल की गई तो माैके पर कोई विद्यालय नहीं मिला। इसी तरह राजामंडी इंटरनेशनल स्कूल, बजरंग आईसी भी पड़ताल में नहीं मिले। बजरंग आईसी के नाम से आठ और राजामंडी इंटरनेशनल स्कूल के पांच वोटर सूची में हैं।
स्कूल की जगह वेबसाइट दर्ज
मतदाता सूची में कुछ ऐसे नाम भी सामने आए हैं जिनके सामने स्कूल के नाम की जगह एक वेबसाइट का पता दर्ज है। सूची में स्याम अवध यादव व ललिता मणि के शिक्षण संस्थान की जगह वेबसाइट httpsvaadupnicin New causelistsing leaspx का नाम लिखा है।
आगरा में जीजीआईसी, राजामंडी इंटरनेशनल स्कूल, चित्रहार जंतपुर कला, बजरंग आईसी के नाम से कोई माध्यमिक विद्यालय संचालित नहीं हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर भी इन नामों का कोई विद्यालय दर्ज नहीं है। -रविंद्र पाल तोमर, जिला विद्यालय निरीक्षक
शिक्षक एमएलसी के चुनाव में वोटर बनने के लिए बीएड की डिग्री जरूरी है। साथ ही कम से कम तीन साल का शैक्षणिक अनुभव हो। निष्पक्ष चुनाव के लिए फर्जी वोटरों की जांच होनी चाहिए। -देवी सिंह नरवार, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ यूपी