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'निधि तुम बहुत अच्छी हो': सल्फास खाकर फंदे पर लटका सिपाही, इसलिए दी जान; सुसाइड नोट ने खोले चाैंकाने वाले राज

Sun, 13 Sep 2026 08:55 AM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आगरा पुलिस लाइंस में तैनात सिपाही का शव परेड ग्राउंड में लोहे की सीढ़ी पर रस्सी के फंदे से लटका मिला। सुबह दौड़ लगाने पहुंचे पुलिसकर्मियों ने घटना की सूचना अधिकारियों को दी। शव के पास पानी की बोतल और सल्फास का पैकेट भी मिला। साथ ही सुसाइड नोट में कोई परेशानी नहीं होने और परिवार की बातें लिखी हैं।
 
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पुलिस लाइन ग्राउंड में फंदे पर लटका मिली सिपाही का शव। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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भगवानजी आप मुझे रोज रात सपने में आकर अपने पास बुलाते थे। आपका शिष्य आपकी इच्छा से आपके पास आ रहा है। मुझे अपने चरणों में जगह दीजिएगा। मम्मी-पापा आप दोनों की सेवा का कर्ज बाकी रह गया है। अगले जन्म में मैं अपना फर्ज पूरा करूंगा...सुसाइड नोट में ऐसी भावनात्मक बातें लिखकर सिपाही अनुज पवार ने जान दे दी। उसने अचानक ऐसा कदम कैसे उठा लिया, यह सवाल अधिकारियों से लेकर सहकर्मियों और परिजन को सभी को चिंतित किए है।
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हर वक्त मुस्कुराते रहने वाले अनुज के मन में ऐसी कौन सी उथल-पुथल चल रही थी। यह किसी को समझ में नहीं आ रही। पिता सुभाष पवार और भाई जैसे ही पोस्टमार्टम गृह पहुंचे तो साथी पुलिसकर्मियों ने उनसे अनुज के इस कदम के बारे में पूछा। सवाल सुनकर पिता बोले मेरा बेटा तो हंसते हुए घर से ड्यूटी के लिए आया था। शुक्रवार रात देर तक सभी से बात हुई। किसी को नहीं लगा कि उसके मन में कुछ गलत चल रहा है।

 

पिता बार-बार खुद को संभाल रहे थे लेकिन उनकी आंखें भीग जा रही थीं। अनुज के पास मिले सुसाइड नोट को पुलिस अधिकारियों ने कई बार पढ़ा लेकिन कोई परेशानी समझ में नहीं आई। साथियों से भी कभी अवसाद की चर्चा नहीं की थी। यह जरूर था कि बीते कुछ समय से भक्ति बढ़ गई थी। नियम से मंदिर जाना दिनचर्या में था। मोबाइल पर भी धार्मिक साहित्य ही देखते थे।

 

भाई को समझाया, अब तू ही सहारा
पुलिस को मिले सुसाइड नोट में अनुज ने यह भी लिखा कि मेरे भाई अब तू ही मम्मी-पापा का सहारा है। उन्हें हमेशा खुश रखना। मैं जा रहा हूं तू अपनी भाभी और मेरे पार्थ का भी ध्यान रखना। निधि तुम बहुत अच्छी हो, मुझे माफ करना, तुम्हें ऐसे छोड़कर जा रहा हूं। सभी मिलकर खुश रहना। जल्द ही आप सबके पास वापस आऊंगा। भाई कसम है तुझे दोनों का ख्याल रखना। मेरा प्यारा भाई। आई लव यू पार्थ बाबू। मैं अपनी खुशी से जा रहा हूं। सुसाइड नोट पढ़कर परिजन की आंखें भीग गईं।

 

मेनिया की हो सकती है बीमारी
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के निदेशक प्रो. दिनेश राठौर ने बताया कि मेनिया एक ऐसी मानसिक बीमारी है, जिसमें लोगों में भय खत्म हो जाता है। वह खुद ईश्वरीय, राजनैतिक या फिर धनबल की शक्ति से खुद को जोड़ लेते हैं। ऐसी स्थिति में वह बड़ी-बड़ी बातें करने लगते हैं। आत्मघाती कदम भी उठा सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति की नींद कम हो रही है। खुद को किसी असीम ताकत के संपर्क में रहते हुए बड़ी-बड़ी बातें कर रहा है तो उसे काउंसिलिंग की जरूरत है। संस्थान के 24 घंटे उपलब्ध टेलीमानस सेवा 14416 पर फोन कर परामर्श भी ले सकते हैं।

 

पुलिस लाइन में सल्फास खाकर फंदे से झूल गया सिपाही
पुलिस लाइंस में तैनात 28 वर्षीय सिपाही अनुज कुमार का शव शनिवार सुबह परेड ग्राउंड में लोहे की सीढ़ी पर रस्सी के फंदे से लटका मिला। सुबह दौड़ लगाने पहुंचे पुलिसकर्मियों ने घटना की सूचना अधिकारियों को दी। शव के पास पानी की बोतल और सल्फास का पैकेट भी मिला है। साथ ही सुसाइड नोट में कोई परेशानी नहीं होने और परिवार की बातें लिखी हैं। मरने की वजह भगवान का बुलावा आना लिखा है।

 

शनिवार सुबह पांच बजे के करीब पुलिस लाइंस के परेड ग्राउंड का गेट खुलने पर पुलिसकर्मी दौड़ लगाने पहुंचे। वहां शारीरिक व्यायाम करने के लिए लगाई गई लोहे की सीढ़ी पर शव लटका देख पुलिसकर्मियों के कदम रुक गए। शव की पहचान पुलिस लाइंस में तैनात सिपाही अनुज कुमार के रूप में की गई। कुछ ही देर में थाना शाहगंज समेत अन्य सर्किल के थानों का फोर्स, डीसीपी लाइन आदित्य कुमार मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजन को सूचना दी।

 
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मौके पर पुलिस को सल्फास का फटा हुआ पैकेट और पानी की बोतल मिली। शव के पास से सुसाइड नोट भी मिला। पुलिस को आशंका है कि सल्फास गटकने के बाद अनुज ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। सीसीटीवी में अनुज रात 12:50 बजे पुलिस लाइंस स्थित सरकारी आवास से मोबाइल पर बात करते हुए निकलते दिखे। सुसाइड नोट में अनुज ने परिवार और साथ काम करने वाले सभी की प्रशंसा की है। पिता सुभाष पवार ने बताया कि रात में अनुज ने उनसे, छोटे बेटे से और फिर पत्नी और डेढ़ वर्षीय पुत्र से बात की थी। उस समय बातों से उसके ऐसा कदम उठाने का कोई अंदेशा नहीं हुआ।
डीसीपी ने बताया कि सिपाही अनुज 2019 बैच के थे। वह मेरठ के रोहता रोड, तेज विहार के रहने वाले थे। वर्तमान में पुलिस लाइन में तैनात थे। सुसाइड नोट में परेशान होने जैसी कोई बात नहीं लिखी है। परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर मेरठ चले गए। आत्महत्या का कारण पता करने के लिए जांच की जा रही है।
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