सिकंदरा स्थित श्रीआरएस पब्लिक स्कूल में ब्रह्मकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित
आगरा। ब्रह्माकुमारीज संस्था पिछले पांच दशकों से समाज में शांति, नैतिकता और आत्म-सशक्तिकरण का अनोखा संदेश दे रही है। यहां का अनुशासन, निस्वार्थ सेवा और आध्यात्मिक वातावरण हर व्यक्ति को अंदर से बदल देता है। ये बातें मुख्य अतिथि न्यायाधीश मुकेश सिंघल ने कही।
वह ब्रहमाकुमारीज, बाईपुर रोड, सिकंदरा में रविवार को गोल्डन एवं पर्ल जयंती महोत्सव में व्यक्त किए। शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं ईश्वरीय स्मृति से किया गया। स्वागत गान और नृत्य प्रस्तुतियों से अतिथियों का स्वागत किया गया।
राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कविता ने कहा कि 50 वर्ष ईश्वरीय सेवा का यह सफर सहज नहीं रहा। यह बाबा की असीम कृपा और सभी भाई-बहनों के सहयोग का फल है। राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अश्विना ने कहा कि यह उत्सव हमें स्मरण कराता है कि आत्मा जितनी तपस्या और सेवा में स्थिर रहती है, उतनी ही प्रकृति, परिस्थितियां और लोग उसके सहयोगी बनते जाते हैं। संचालन ब्रह्माकुमारी भावना ने किया।
स्थानीय प्रभारी बीके मंजरी, कोसीकलां से राजयोगिनी ज्योत्सना, माउंट आबू से राजयोगी बीके रमेश सिंघल, डॉ. संदीप अग्रवाल, डॉ. पारुल अग्रवाल, साईकांत उपाध्याय, राजपाल, वीके यादव, सुमन यादव, राखी आदि मौजूद रहे।