11एमएनपी-26-जिला अस्पताल में भर्ती मरीज
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मैनपुरी। जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुखार से पीड़ित दो और मरीजों की जिला अस्पताल में मौत हो गई। वहीं 37 मरीजों को गंभीर हालत के चलते भर्ती कराया गया है। जिले में संक्रामक बीमारियां पूरी तरह से हावी हैं। बुखार से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
रविवार को ओपीडी में अवकाश के बाद इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ रही। यहां 37 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। नगर के मोहल्ला छोटी नगरिया निवासी देवीदयाल के 43 वर्षीय पुत्र नाहर सिंह को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। शनिवार की रात परिजनों ने उसे अचेतावस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
यहां उपचार के दौरान नाहर सिंह की मौत हो गई। वहीं करहल रोड निवासी 65 वर्षीय आशाराम गुप्ता को भी पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उनका निजी डॉक्टर से उपचार करा रहे थे। रविवार को हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जिला अस्पताल में उन्हीं मरीजों की मौत हो रही है, जिन्हें परिजन देरी से उपचार के लिए ला रहे हैं। डॉक्टरों की आरे से दी गई रिपोर्ट के अनुसार रविवार को जिन दो मरीजों की मौत हुई है, उनमें से एक को तो परिजन मृत अवस्था में ही अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहीं दूसरे को गंभीर अवस्था में भर्ती कराया गया था। -डॉ. आरके सागर, सीएमएस
भले ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यह कह रहे हों कि मरीजों को समय से भर्ती नहीं कराया जा रहा है। वहीं, हकीकत यह है कि जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को जरा भी अधिक दिक्कत होने पर रेफर कर दिया जाता है। इसके चलते परिजन उसका उपचार निजी डॉक्टरों से कराने को मजबूर हैं।
बीते एक सप्ताह में जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार बुखार से तीन, डायरिया से एक और क्षयरोग से पीड़ित दो मरीजों की मौत हो गई। वहीं, 280 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती कराया गए।