फिरोजाबाद: सौ शैय्या अस्पताल फिरोजाबाद
- फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद में डेंगू और वायरल बुखार के साथ डायरिया अब बच्चों की सेहत बिगाड़ रहा है। सरकारी ट्रॉमा सेंटर में जहां डायरिया से पीड़ित आठ से दस मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं सरकारी अस्पताल और निजी चिकित्सकों के यहां भी डायरिया पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। जिले में लगभग 50 से 70 मरीज प्रतिदिन डायरिया के शिकार हो रहे हैं। यदि नगर निगम प्रशासन साफ-सफाई पर विशेष ध्यान नहीं देता तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है।
सुहागनगरी में डायरिया का सबसे ज्यादा प्रकोप नई आबादी वाले क्षेत्रों में है। इन इलाकों में पसरी गदंगी के साथ घरों में पहुंच रहा दूषित पानी बच्चों के सेहत को बिगाड़ रहा है। दूषित पानी पीने से बच्चों को उल्टी, दस्त की शिकायत हो रही है। शहर के निजी चिकित्सकों की क्लीनिकों में इस समय वायरल के साथ अब डायरिया के मरीज भी बड़ी संख्या में आने लगे हैं। डेंगू और डायरिया की दस्तक के बाद भी जिम्मेदार लोग साफ सफाई और घरों तक स्वच्छ जल पहुंचे, इसके लिए अपनी जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं है।
इन क्षेत्रों में डायरिया के सर्वाधिक मरीज
संतनगर, नगला पचिया, हिमायूंपुर, आजादनगर, ककरुऊ कोठी, आंनदनगर, झील की पुलिया, रहना, नगला भाऊ, सुदामानगर, गंगानगर के साथ नई आबादी वाले क्षेत्रों में डायरिया के मरीज बड़ी संख्या में आ रहे हैं।
ट्रॉमा सेंटर में इस समय रोजाना आ रहे आठ से दस मरीज
डेंगू और वायरल फीवर के साथ सरकारी ट्रॉमा सेंटर में आठ से दस मरीज प्रतिदिन डायरिया के आ रहे है। जिनको प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है।
- डा. राहुल जैन प्रभारी ट्रॉमा सेंटर
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