आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज में ओपीडी के मरीजों की रात में भी डायलिसिस हो सकेगी। इसके लिए स्टाफ की नियुक्ति की जा रही है। अगले महीने से यह सुविधा शुरू हो जाएगी। डायलिसिस यूनिट फुल होने के कारण कॉलेज प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। इसके लिए पंजीकरण भी शुरू कर दिए हैं।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि डायलिसिस यूनिट में अभी 14 मशीनें हैं। दो मशीनें आईसीयू दो एचडीयू में हैं। यूनिट में अभी दो शिफ्ट संचालित हैं और इसमें रोजाना करीब 35 डायलिसिस हो रही है। निशुल्क डायलिसिस सुविधा होने के कारण मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां करीब 50 मरीज पंजीकृत हैं।
इससे तीसरी शिफ्ट भी शुरू करने की तैयारी है। यह शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक होगी और करीब 10 मरीजों की डायलिसिस और बढ़ जाएंगे। किडनी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि भर्ती मरीज और इमरजेंसी मरीजों की ही रात में डायलिसिस की जा रही है। तीसरी शिफ्ट शुरू होने पर ओपीडी के मरीजों की भी डायलिसिस हो सकेगी। पंजीकरण शुरू कर दिए गए हैं।
घर बैठे 5 मरीज हुए लाभान्वित
- एसएन के यूरो सर्जन डॉ. अभिषेक पाठक ने बताया कि किडनी के मरीजों के लिए कंटीन्युअस एम्बुलैटरी पेरिटोनियल डायलिसिस (सीएपीडी) प्रक्रिया के तहत रक्त को शुद्ध करने के लिए पेट की परत (पेरिटोनियम) का उपयोग करते हैं। इसमें कैथेटर डालते हैं। इसमें दवाओं के घोल को 6-8 घंटे तक पेट में रखना पड़ता है। इसके बाद इसे निकाल देते हैं। ये दिन में तीन बार प्रक्रिया करनी पड़ती है। इसमें निजी केंद्रों पर 30-40 हजार रुपये महीने का खर्च आता है। यहां पर आयुष्मान कार्डधारकों और असाध्य रोग योजना के लाभार्थियों के लिए निशुल्क सुविधा है। अब तक इसके 5 मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। इससे मरीजों को घर बैठे ही डायलिसिस हो जाती है।