आगरा मंडल में लोकसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी को बड़ा झटका लगा है। 22 साल तक बसपा में विभिन्न पदों पर रहे बसपा के मंडल जोन इंचार्ज ध्रुव पाराशर ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने बसपा से निष्कासित किए गए मुकुल उपाध्याय के समर्थन में पार्टी से त्यागपत्र दे दिया। वह मुकुल उपाध्याय के साथ ही अपनी नई राजनैतिक पारी
शुरू करेंगे। जल्द ही सूरसदन में सम्मेलन कर वह ब्राह्मणों के बीच अपनी ताकत दिखाएंगे।
बसपा में जिला सचिव, उपाध्यक्ष, मंडल इंचार्ज, जोन कोआर्डिनेटर, मंडलाध्यक्ष, विधानसभा प्रभारी आदि में पदों पर रहकर 22 साल तक सेवा करने के बाद मंडल जोन इंचार्ज रहे ध्रुव पाराशर ने पद और सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
बसपा पर लगाए गंभीर आरोप
ध्रुव पाराशर ने मुख्य जोन इंचार्ज को इस्तीफा भेजा है। उन्होंने बसपा में नोट के बदले टिकट मिलने का आरोप लगाया और कहा कि जब 25 साल पुराने मुकुल उपाध्याय को निकालकर अपमानित किया जा सकता है तो सवर्ण समाज के अन्य नेताओं का क्या हाल होगा।
मथुरा के जिला संयोजक नंद किशोर महाराज, आगरा के भानुप्रताप मुदगल, छावनी विधानसभा के घनश्याम उपाध्याय, अमित शर्मा, मथुरा के पूर्व कोषाध्यक्ष अनिकेत शर्मा, छावनी के हरेंद्र कुशवाह आदि उनके साथ रहे।
ध्रुव पाराशर ने ने कहा कि मैंने पार्टी की सेवा 22 साल की, लेकिन न कभी टिकट दिया गया और न ही सम्मान दिया गया। टिकट के लिए पैसों की मांग की गई। वफादार कार्यकर्ता होने पर भी पार्टी ने हमें आगे नहीं बढ़ाया। केवल पैसेवालों को टिकट दिए। सवर्णों को अपमानित किया जा रहा है।
बसपा के पूर्व विधायक खिलाएंगे भाजपा का कमल
मुकुल उपाध्याय को बसपा से निष्कासित करने के बाद पार्टी के कई पूर्व विधायकों को पार्टी छोड़ने का एक और मौका मिल गया है। बसपा के तीन पूर्व विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और इनमें से दो तो आरएसएस पदाधिकारियों के साथ अपनी भूमिका को लेकर चर्चा भी कर चुके हैं।
आगरा के एक जनप्रतिनिधि बसपा के पूर्व विधायकों को पार्टी में शामिल कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। माना जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जयंती समारोह पर दिल्ली और लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम में शामिल हो जाएंगे।